
सीहोर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर सीहोर जिला मुख्यालय सहित सभी तहसील न्यायालयों में वर्ष की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला न्यायालय में आयोजित नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अमिताभ मिश्र ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों का निराकरण पुण्य कार्य है, क्योंकि इससे दो पक्षों का विवाद सौहार्दपूर्ण वातावरण में हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। लोक अदालत की परंपरा आदिकाल से हमारे समाज में विद्यमान है। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में भी प्रकरणों की संख्या कम होती है तथा पक्षकारों का धन एवं समय भी बचता है।
1509 प्रकरणों का हुआ निराकरण-
वर्ष की द्वितीय नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण के लिए 19 खंडपीठ गठित की गई। इन खंडपीठों में नेशनल लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर निराकरण कराने के लिए न्यायालय में लंबित कुल 5792 प्रकरण रखे गए थे। इनमें से 485 प्रकरणों का निराकरण आपसी राजीनामा के आधार पर होकर समझौता राशि 6 करोड़ 51 लाख 41 हजार 153 रूपए जमा कराई गई। इसी प्रकार नेशनल लोक अदालत की खंडपीठ के समक्ष कुल प्रीलिटिगेशन 18401 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 1024 प्रकरणों का निराकरण कर समझौता राशि एक करोड़ 69 लाख 57 हजार 265 रूपए जमा कराई गई। नेशनल लोक अदालत में कुल 1509 प्रकरणों का निराकरण किया गया। इसमें 8 करोड़ 20 लाख 98 हजार 418 रुपए की समझौता राशि जमा हुई।
उपभोक्ता फोरम के मामलों का भी हुआ निराकरण-
वर्ष की द्वितीय नेशनल लोक अदालत में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग की लोक अदालत भी आयोजित की गई। इसमें कुल 16 मामले निराकृत किए गए। इन 16 मामलों में 8 लाख 76 हजार 135 रूपए समझौता राशि जमा की गई।
अलग रह रहे दम्पति को खुशी-खुशी विदा किया-
यह थे उपस्थित-
नेशनल लोक अदालत में अभिभाषक संघ के अध्यक्ष रविन्द्र भारद्वाज, विशेष न्यायाधीश सुरेश सिंह, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय सुमन श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का आभार जिला विधिक सहायता अधिकारी जीशान खान द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मुकेश कुमार दांगी, प्रथम अपर जिला न्यायाधीश संजय कुमार शाही, तृतीय जिला न्यायाधीश अभिलाष जैन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना नायडू बोडे एवं न्यायाधीश निधु श्रीवास्तव, कु इकरा मिन्हाज सहित एनजीओ के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, मुख्यालय सीहोर के पैनल एवं अन्य अधिवक्ता, खंडपीठ सदस्य, विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी, पक्षकार, न्यायालयीन कर्मचारी, पैरालीगल वालेन्टियर्स उपस्थित थे।