कायाकल्प अवार्ड में प्रथम स्थान पर आने वाला सीहोर जिला चिकित्सालय करवा रहा किरकिरी

ट्रामा सेंटर बना ड्रामा सेंटर, आयोग ने फिर मांगा जबाव

सीहोर। वर्ष 2022-23 में कायाकल्प अवार्ड में प्रथम स्थान पाने वाला जिला अस्पताल सीहोर अब जमकर किरकिरी करवा रहा है। यही कारण है कि जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं एवं यहां के जिम्मेदारोें की कार्यप्रणाली के कारण मानवाधिकार आयोग द्वारा लगातार नोटिस थमाकर जबाव मांगे जा रहे हैं। अब जिला अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर की व्यवस्थाओं को लेकर मप्र मानवाधिकार आयोग ने जबाव तलब किया है।
जिला अस्पताल सीहोर के जिम्मेदार, कर्ता-धर्ताओं ने ट्रामा सेंटर को ड्रामा सेंटर में तब्दील कर दिया है। यहां पर एक्स-रे फिल्म का टोटा है, तो वर्षों से रेडियोलॉजिस्ट की कमी बनी हुई है। अब तो अस्पताल मंे मरीजों के लिए स्ट्रेचर तक नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में परिजनों को कुर्सी पर बैठाकर मरीजों को वार्डों तक पहुंचाना पड़ रहा है। मामले में संज्ञान लेकर मप्र मानव अधिकार आयोग ने सीएमएचओ, सीहोर से प्रकरण की जांच कराकर अस्पताल मंे एक्स-रे फिल्म की उपलब्धता एवं उपयोग योग्य अवस्था में रखे स्ट्रेचर की जानकारी के संबंध में तीन सप्ताह में जवाब मांगा है। इससे पहले भी मप्र मानवाधिकार आयोग द्वारा जिला चिकित्सालय की अव्यवस्थाओं को लेकर जबाव तलब किया गया है।
मिल चुका है प्रथम स्थान-
केंद्र सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कायाकल्प अवॉर्ड 2022-2023 की घोषणा में जिला चिकित्सालय सीहोर को पहला तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जावर को प्रदेश में दूसरा स्थान तथा पीएचसी वीरपुरडेम को जिले में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। इसके लिए कायाकल्प अवॉर्ड के तहत जिला चिकित्सालय को 20 लाख रूपए अवॉर्ड के रूप में प्राप्त हुए। अभियान के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा निर्धारित किए गए आठ बिन्दुओं पर केन्द्र और राज्य सरकार के संयुक्त दल द्वारा मूल्यांकन किया गया। दल द्वारा थिमेटिक एरिया का असिस्मेंट, सफाई-सुरक्षा, स्वच्छता, बॉयोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, सपोर्ट सर्विस, ईको फ्रेंडली सर्विसेस इत्यादि का ध्यान रखते हुए सघन मूल्यांकन किया गया। इसके बाद भी यहां पर अव्यवस्थाएं सामने आ रही हैं।
इनका कहना है-
ट्रामा सेंटर में रेडियोलॉजिस्ट के पद पर भर्ती की प्रक्रिया शासन स्तर पर होनी है। इस संबंध में कई बार प्रस्ताव भी दिया है। फिलहाल प्राईवेट व्यवस्था करके एक्स-रे का काम शुरू कराया गया है। मरीजों को कोई परेशानियां नहीं आए, इसको लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हमारी प्राथमिकता अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
-डॉ. सुधीर डेहरिया, सीएमएचओ, सीहोर

Exit mobile version