
सीहोर। वर्ष 2022-23 में कायाकल्प अवार्ड में प्रथम स्थान पाने वाला जिला अस्पताल सीहोर अब जमकर किरकिरी करवा रहा है। यही कारण है कि जिला अस्पताल की अव्यवस्थाओं एवं यहां के जिम्मेदारोें की कार्यप्रणाली के कारण मानवाधिकार आयोग द्वारा लगातार नोटिस थमाकर जबाव मांगे जा रहे हैं। अब जिला अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर की व्यवस्थाओं को लेकर मप्र मानवाधिकार आयोग ने जबाव तलब किया है।
मिल चुका है प्रथम स्थान-
केंद्र सरकार द्वारा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कायाकल्प अवॉर्ड 2022-2023 की घोषणा में जिला चिकित्सालय सीहोर को पहला तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र जावर को प्रदेश में दूसरा स्थान तथा पीएचसी वीरपुरडेम को जिले में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था। इसके लिए कायाकल्प अवॉर्ड के तहत जिला चिकित्सालय को 20 लाख रूपए अवॉर्ड के रूप में प्राप्त हुए। अभियान के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा निर्धारित किए गए आठ बिन्दुओं पर केन्द्र और राज्य सरकार के संयुक्त दल द्वारा मूल्यांकन किया गया। दल द्वारा थिमेटिक एरिया का असिस्मेंट, सफाई-सुरक्षा, स्वच्छता, बॉयोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, सपोर्ट सर्विस, ईको फ्रेंडली सर्विसेस इत्यादि का ध्यान रखते हुए सघन मूल्यांकन किया गया। इसके बाद भी यहां पर अव्यवस्थाएं सामने आ रही हैं।
इनका कहना है-
-डॉ. सुधीर डेहरिया, सीएमएचओ, सीहोर