सीहोर: दशहरा पर्व की धूम, रावण एक, अनेक रूप में हुआ दहन

- सीहोर जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में हुए रावण, मेघनाथ के पुतले दहन, किसान एवं कांग्रेस ने विरोध स्वरूप दहन किया रावण

सीहोर। दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई एवं असत्य पर सत्य की जीत के रूप में मनाया जाता है। सीहोर जिले में भी दशहरा पर्व की धूम रही। इस दौरान जिला मुख्यालय सहित जिलेभर के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रावण, मेघनाथ के पुतले दहन किए गए। इस दौरान रावण तो एक था, लेकिन वह अनेक रूप में दहन हुआ। दरअसल सीहोर जिला मुख्यालय सहित रेहटी, भैरूंदा, बुधनी, आष्टा, इछावर सहित कई नगरों में असत्य पर सत्य की जीत के रूप में रावण का दहन हुआ तो वहीं किसानों ने बिजली कंपनी के अधिकारियों के रूप में तो वहीं कांग्रेस ने एसआईआर के विरोध स्वरूप रावण का दहन किया। इससे पहले राम-रावण के युद्ध भी हुए तो वहीं पूजा-अर्चना के बाद रावण दहन हुए। जमकर आतिशबाजी भी हुई।
बाल विहार मैदान में उमड़ा जनसैलाब, आतिशबाजी ने बांधा समां-
जिला मुख्यालय स्थित बाल विहार मैदान पर विजयादशमी पर्व श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। छावनी दशहरा उत्सव समिति के तत्वावधान में बाल विहार मैदान पर भव्य दशहरा उत्सव का आयोजन किया गया। यहां 71 फीट से अधिक ऊंचे रावण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। जैसे ही भगवान श्रीराम के अग्निबाण ने रावण के पुतले को भेदा, पूरा मैदान जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। देखते ही देखते रावण और मेघनाद के पुतले आग की लपटों में घिरकर धराशायी हो गए। इस दौरान आसमान में हुई सतरंगी आतिशबाजी ने दर्शकों का मन मोह लिया। आयोजन में अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा आशीर्वाददाता के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि के रूप में समिति के मुख्य संरक्षक, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य, पूर्व जिला पंचायत, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष जसपाल सिंह अरोरा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अमिता अरोरा, भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर और समिति अध्यक्ष आशीष गहलोत सहित अन्य अतिथियों ने कार्यक्रम में सहभागिता की। छावनी दशहरा उत्सव समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी बाल विहार मैदान में भव्य दशहरा उत्सव आयोजित किया गया। उत्सव की शुरुआत शहर के नमक चौराहा स्थित हनुमान मंदिर से भगवान श्रीराम की भव्य बारात निकालकर की गई। राम बारात शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए बाल विहार मैदान पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इसके बाद रात करीब साढ़े आठ बजे रावण दहन किया गया।
किसानों ने जलाया विद्युत मंडल अधिकारियों के घमंड का रावण –
विद्युत मंडल अधिकारियों की कथित लापरवाही के विरोध में किसान एवं समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में सीहोर जिले के 25 गांवों के किसानों ने अनोखे तरीके से विद्युत मंडल अधिकारियों के घमंड का 10 सिर वाला रावण बनाकर दहन किया। ढोल-नगाड़ों और हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे किसानों ने रावण के 10 सिरों पर अपनी 10 प्रमुख मांगें और विद्युत व्यवस्था से जुड़े सवाल लिखे। किसानों का आरोप है कि समय रहते शिकायत करने के बावजूद झूलते तारों और बिजली के खंभों को ठीक नहीं किया गया। इससे सतीश मेवाड़ा गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, ग्राम मोरिया की किसान महिला सुकनबाई मेवाड़ा की भी करंट लगने से मौत हो गई।
कांग्रेस ने वोट चोरी के विरोध में किया दहन-
सीहोर जिला कांग्रेस कमेटी ने स्थानीय बस स्टैंड पर वोट एवं चंदा चोरी का विरोध प्रदर्शन करते हुए ज्ञानेश कुमार का रावण रूपी पुतला दहन किया। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कथित चंदा चोरी तथा वोट चोरी के मुद्दे को लेकर विरोध जताया और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग उठाई। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने इलेक्टोरल बॉन्ड एवं राजनीतिक चंदे से जुड़े मामलों और चुनावी अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए।
रेहटी में भव्य रामरथ यात्रा के साथ मना उत्सव-
रेहटी में विजयादशमी का पर्व धार्मिक उल्लास, उत्साह और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। हिंदू उत्सव समिति रेहटी के तत्वावधान में आयोजित ऐतिहासिक विजयादशमी उत्सव के अंतर्गत भव्य रामरथ यात्रा निकाली गई। जय श्रीराम के जयघोष से नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा में विभिन्न अखाड़ों ने सहभागिता की। वहीं मंडी प्रांगण में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में धर्म और संस्कृति से जुड़े आयोजनों में योगदान देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। उत्सव का समापन 45 फीट ऊंचे रावण के पुतले के दहन के साथ हुआ। इससे पहले श्रीराम के रथ की शोभायात्रा हनुमान चौक से विधि-विधान के साथ प्रारंभ हुई। इस दौरान हिंदू उत्सव समिति के समस्त पदाधिकारी, सदस्य और नगर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। जय श्रीराम के उद्घोष के बीच रामरथ यात्रा होली टकरा और पुराने बस स्टैंड सहित नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए विभिन्न अखाड़ों के साथ मंडी प्रांगण पहुंची। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में उत्साह और धार्मिक उल्लास दिखाई दिया। मंडी प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ इटावा सरकार मंदिर के गुरुजी आनंद भारती जी एवं मजिस्ट्रेट बाबा ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद हिंदू उत्सव समिति की ओर से धर्म और संस्कृति से जुड़े विभिन्न धार्मिक आयोजनों में भाग लेने वाले प्रतिभागियों एवं समितियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। इस पहल के माध्यम से धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों में योगदान देने वाले संगठनों के प्रयासों को सराहा गया। कार्यक्रम के अंत में हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष अनिल पटेल एवं नगर परिषद अध्यक्ष राजेंद्र मीना पटेल ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले समस्त नगरवासियों, क्षेत्रवासियों, समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों और सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने आयोजन में सहभागिता और सहयोग के लिए सभी का धन्यवाद करते हुए धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने में सामूहिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया।
भैरूंदा में चल समारोह में गूंजे ढोल-नगाड़े-
भैरूंदा में दशहरा चल समारोह केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शौर्य, कला, आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का ऐसा संगम बना, जिसने नगरवासियों को उत्साह से भर दिया। भगवान श्रीराम की आकर्षक झांकी, महाबली हनुमान का स्वरूप, भगवान महाकाल के भूत-प्रेतों की टोली और हरदा से आए भैरव गर्जना ढोल-ताशा पथक की दमदार प्रस्तुति ने समारोह को खास बना दिया। इसके बाद दशहरा मैदान में भगवान श्रीराम और रावण के बीच महासंग्राम हुआ और 51 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। नगर परिषद एवं नवा पारायण समिति के सहयोग से आयोजित दशहरा महोत्सव को लेकर नगर में सुबह से ही उत्सवी माहौल था। गांधी चौक स्थित छोटा बाजार के श्रीराम मंदिर से शाम 4 बजे भगवान श्रीराम के विजय रथ के साथ चल समारोह प्रारंभ हुआ। दशहरा चल समारोह में मातृशक्ति की दुर्गा वाहिनी टीम ने अखाड़े का प्रदर्शन करते हुए साहस, आत्मविश्वास और शौर्य का परिचय दिया। टीम की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया और नारी शक्ति के सामर्थ्य का संदेश दिया। चल समारोह में हरदा से आए भैरव गर्जना ढोल-ताशा पथक की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। चल समारोह में भगवान महाकाल के स्वरूप और उनके गणों के रूप में सजे कलाकारों की प्रस्तुति भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रही। भूत-प्रेतों की टोली के पारंपरिक एवं प्रभावशाली रूप ने धार्मिक वातावरण को जीवंत बना दिया। दशहरा चल समारोह में भगवान श्रीराम की आकर्षक झांकी विशेष रूप से शामिल रही। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और हनुमान जी बग्घी पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। नगर के विभिन्न अखाड़ों के कलाकारों के साथ विशेष मंडली के कलाकारों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। वहीं, मातृशक्ति की युवा वाहिनी ने शस्त्र प्रदर्शन के माध्यम से साहस, आत्मविश्वास और अनुशासन का संदेश दिया।

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