सीहोर: रूठे इंद्रदेव को मनाने कर रहे जतन, हो रहे भजन

सीहोर। सावन का महीना भी बीतने को है, लेकिन अब तक बारिश का कोटा पूरा नहीं हुआ है। सीहोर जिले के कई जलाशय अब तक खाली हैं। किसानोें की फसलें खराब होेने की स्थिति मेें आ गई है। आगे की फसलों सहित पेयजल की भी समस्याएं होंगी। इसको लेकर अब रूठे इंद्रदेव को मनाने के लिए कई तरह के जतन किए जा रहे हैं। इसके लिए कहीं पर भजन हो रहे हैैं, कहीं पर पूजन हो रही है तोे कहीं पर सुंदरकांड करके इंद्रदेव को मनाने का प्रयास किया जा रहा है।
रूठे इंद्रदेव को मनाने के लिए सीहोेर जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव चंदेरी के किसान एवं समाजसेवी एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने खेत पर एकत्रित होकर इंद्रदेव को मनाने के लिए संगीतमय भजन गाए। इस दौरान ग्रामीणोें ने भगवान इंद्रदेव से प्रार्थना की कि वे प्रसन्न होकर अच्छी बारिश करें, ताकि आने वाले समय में कठिनाइयों से बचा जा सके। एमएस मेवाड़ा ने बताया कि पानी के कारण किसानोें एवं आमजनोें को परेशानियां हो रही हैैं, इसलिए हमने भगवान इंद्रदेव को मनाने के लिए यह कार्यक्रम किया है। इस दौरान ग्राम सेवनिया के किसान भादर सिंह मेवाड़ा, देवसिंह मेवाड़ा, ग्राम शाहपुर कोरिया के किसान हेमराज, बलराम परमार, सिद्धू लाल, भागीरथ परमार, बापू लाल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
प्राचीन जगदीश मंदिर में अच्छी बारिश के लिए सुंदरकांड का पाठ-
सीहोर शहर के छावनी सब्जी मंडी के समीपस्थ प्राचीन जगदीश मंदिर में परमार समाज और श्रद्धालुओं द्वारा सुंदरकांड का आयोजन किया गया। बीती रात्रि को क्षेत्र में अच्छी बारिश की कामना को लेकर बवाडिया मंडल सहित अन्य के द्वारा पाठ का आयोजन किया गया। इस मौके पर समाज के पूर्व अध्यक्ष तुलसीराम पटेल, मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष मुकेश परमार, शिव परमार मुरली, देव परमार, माखन परमार, अवधेश परमार, भगवान सिंह, विजय, लखन, अरुण, महेन्द्र पटेल, विक्रम परमार, हरीश परमार, गुलाब, लक्ष्मीनारायण, वीर सिंह और अनार सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने मंडल के पदाधिकारियों का स्वागत किया। इस संबंध में समिति के पदाधिकारी विष्णु परमार रोलूखेड़ी ने बताया कि फसलों को पानी की आवश्यकता होने व रुठे इंद्रदेव को मनाने के लिए मंदिर पर सुंदरकांड का पाठ किया गया। नगर व आसपास के क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बारिश नहीं होने से फसलें सूखने लगी हैं। बारिश के लिए लोग कई तरह की मन्नतें व पूजा-अर्चना कर रहे हैं। नगर में बारिश की कामना के लिए इंद्रदेव की बेरुखी से फसलें सूखने लगी हैं। किसानों का मानना है कि अच्छी बारिश के लिए भगवान की शरण के अलावा कुछ नहीं बचा है। कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण यहां पर सिंचाई की व्यवस्था नहीं है वह फसलें सूखने की कगार पर आ गई हैं। सुंदरकांड पाठ करने से भगवान प्रसन्न होकर अच्छी बारिश करेंगे, जिससे किसानों की फसलें खराब होने से बच जाएंगी। मंदिर के पुजारी रोहित व्यास ने बताया कि हनुमानजी जल्द प्रसन्न होने वाले देवता हैं, वह बल, बुद्धि और कृपा प्रदान करने वाले माने जाते हैं। मान्यता है कि सुंदरकांड का पाठ करने से व्यक्ति को जीवन में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। जो भी जातक प्रतिदिन सुंदरकांड का पाठ करता है उसकी एकाग्रता और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। सुंदरकांड का पाठ करने से व्यक्ति के अंदर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ऐसे में उसके द्वारा किए जाने वाले किसी भी काम का परिणाम हमेशा सकारात्मक ही मिलता है, इसलिए हर घर में सुंदरकांड का पाठ अवश्य करने को बताया गया है। सुंदरकांड का नियमित पाठ करने से व्यक्ति के अंदर से नकारात्मक शक्तियां दूर चली जाती है।
यहां बांधी राखी, किया श्रीगणेश का पूजन-
सीहोर में श्री विश्वकर्मा समाज सेवा समिति के अध्यक्ष रामगोपाल गड़ोदिया ने रक्षाबंधन पर्व पर भगवान विश्वकर्मा आश्रम देवनगर कॉलोनी पहुंचकर भगवान विश्वकर्मा को राखी बांधकर अच्छी बारिश व जनमानस के लिए सुखसमृद्धि की कामना की। पंचायती राज्य प्रकोष्ठ अध्यक्ष पं. महेश दुबे ने भी भगवान श्रीगणेश के दर्शन करके सीहोर जिले में अच्छी बरसात के साथ जनमानस के लिए सुख समृद्धि की कामना की है।