
सीहोर। शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित संकल्प नशा मुक्ति केन्द्र में राष्ट्रीय हिन्दी दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर पहले दिन लगातार 45 सालों से साहित्य के क्षेत्र में कवि के रूप में अपनी सेवा दे रहे पूर्व शिक्षक हरिओम शर्मा दाऊ का सम्मान केन्द्र के संचालक राहुल सिंह ने किया। इस मौके पर साहित्कार श्री दाऊ ने कहा कि हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है, बल्कि इसके लिए हम सभी का सम्मिलित प्रयास आवश्यक है। बिना अपनी भाषा ज्ञान के पूर्ण अभिव्यक्ति नहीं हो सकती। अधिकाधिक कार्य हिन्दी में ही करना चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्र के संचालक राहुल सिंह ने कहा कि राजा और गुरु के पास खाली हाथ नहीं जाते हैं, यह हमारे देश की परम्परा है कि गुरु का सम्मान किया जाना चाहिए। संस्कृत के बाद यदि भारतीय संस्कृति की पहचान किसी भाषा में सुरक्षित है, तो वह हिन्दी है। उत्तर भारत में आज भी कबीर की वाणी और रामचरितमानस जितने मनोयोग के साथ पढ़ें और गुने जाते हैं, उतने मनोयोग से किसी भी भाषा का साहित्य नहीं पढ़ा जाता। किसी भी भाषा का स्वरूप उसकी जनता तय करती है, इसलिए हिन्दी एक वचन नहीं बहुवचन है। यह बहु वचनता ही उसकी असल ताकत है। यह बहुवचनता जब तक बनी रहेगी, तब तक हिन्दी बची रहेगी। हिन्दी की असल ताकत उसकी बोलियां हैं, इसीलिए हिन्दी साहित्य का स्वर्ण युग भक्ति काल है और भक्तिकाल हिन्दी की बोलियों का साहित्य है। यह हमारा सौभाग्य है कि श्रद्धा भक्ति सेवा समिति के तत्वाधान में लंबे समय से पूर्व शिक्षक और साहित्य के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे श्री शर्मा का सम्मान किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान अनेक वक्ताओं ने यहां पर उपस्थित लोगों को संबोधित किया।
हिन्दी दिवस पर काव्य संग्रह गजल के फूल का हुआ विमोचन
हिन्दी दिवस के अवसर पर सीहोर स्थित श्रीराम कॉलोनी डॉ. व्हीपी शर्मा के निवास पर राष्ट्रीय कवि संगम के बैनर तले हिन्दी दिवस पर काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता गीतकार रामनारायण राठौर ने की। मुख्य अतिथि धर्मराज देशराज व विशेष अतिथि के रूप में हरीशचन्द्र आर्य, ओम प्रकाश तिवारी उपस्थित रहे। सर्व प्रथम अतिथियों ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर काव्यगोष्ठी का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत अभिनाश शर्मा ने किया। सरस्वती वंदना डॉ. व्हीपी शर्मा ने की। काव्यगोष्ठी का संचालन युवा कवि लक्ष्मण चौकसे ने किया। हिन्दी दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय कवि संगम प्रकाशन जिला इकाई सीहोर द्वारा प्रकाशित लेखक धर्मराज देशराज काव्य संग्रह का विमोचन किया गया। इस अवसर पर गीतकार रामनारायण राठौर, धर्मराज देशराज, हरीश चन्द्र आर्य, ओमप्रकाश तिवारी, डॉ. व्ही.पी.शर्मा, लक्ष्मण चौकसे, जोरावर सिंह के द्वारा हिन्दी दिवस के अवसर पर अपने-अपने काव्यपाठ कर श्रोताओं को हिन्दी के प्रति जाग्रीत किया। आभार अविनाश शर्मा ने व्यक्त किया।