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Sehore News : नेत्रहीन दीपिका का सपना, ‘मैं आईएएस बनना चाहती हूं’

Sehore News : सीहोर। आष्टा तहसील के छोटे से गांव मैना में एक बड़ा सपना पल रहा है। यह सपना है नेत्रहीन छात्रा दीपिका वर्मा का, जो आईएएस बनकर समाज की सेवा करना चाहती हैं। लेकिन उनके इस सपने के रास्ते में आर्थिक बाधाएं खड़ी हैं। 12वीं की परीक्षा में 83.6 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी लगन साबित करने वाली दीपिका ने अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मदद की गुहार लगाई है।
दीपिका ने मुख्यमंत्री को लिखे अपने पत्र में अपनी मजबूरी बताते हुए कहा कि आर्थिक तंगी के कारण उच्च शिक्षा प्राप्त करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है। वह स्वावलंबी बनकर अन्य दिव्यांगों के लिए एक मिसाल बनना चाहती हैं, लेकिन परिवार की सीमित आय उनके इस लक्ष्य को कठिन बना रही है।
पिता का इकलौता सपना, बेटी का सपना पूरा हो
दीपिका के पिता जितेंद्र वर्मा की आंखों में अपनी बेटी के लिए सिर्फ एक ही इच्छा है, उसका सपना पूरा हो जाए। वह कहते हैं कि बचपन से ही नेत्रहीन होने के बावजूद दीपिका ने कभी हार नहीं मानी। पढ़ाई के अलावा संगीत में भी उनकी गहरी रुचि है।
समाज ने भी सराहा
दीपिका की इस उपलब्धि के लिए खाती चंद्रवंशीय समाज भी उन्हें सम्मानित कर रहा है। आज जिला मुख्यालय के कृष्णा सेलिब्रेशन गार्डन में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया है, जहां दीपिका को उनकी मेहनत और जज्बे के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। अब सबकी निगाहें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर टिकी हैं, उम्मीद है कि उनकी मदद से दीपिका अपने सपनों को पंख लगा पाएंगी और एक आईएएस अधिकारी बनकर समाज की सेवा कर पाएंगी।

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