
सीहोर। पिछले 24 घंटों से लगातार होे रही बारिश ने जहां आमजन के लिए परेशानियां खड़ी कर दी है तो वहीं प्रशासन भी घुटने टेक चुका है। दरअसल बारिश से पहले हुई पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा के कारण प्रशासनिक एवं नगर परिषदों का अमला चुनावी तैयारियों में जुटा रहा और बारिश पूर्व होने वाली तैयारियां, साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दे पाया। इसके कारण अब शहरों का पानी व्यापारियों के लिए परेशानी खड़ी कर रहा है। लगातार बारिश के कारण जहां रेहटी नगर की कई दुकानों में पानी घुस गया तो वहीं उनका लाखों का सामान भी इससे खराब हुआ है। हालांकि इस बार भब्बड़ नदी के गहरीकरण के कारण रेहटी नगर का एक हिस्सा सुरक्षित है, लेकिन शहर की नालियों से पानी निकासी नहीं होने के कारण बाजार में दुकानों के अंदर भी पानी घुस गया है। बारिश के कारण रेहटी तहसील मुख्यालय का ग्रामीण क्षेत्रों से भी संपर्क पूरी तरह टूट गया। नसरुल्लागंज में भी नगर की सड़कों में पानी भरा गया। तहसील मुख्यालय का आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से संपर्क टूट गया। नगर की कई कॉलोनियों में भी पानी ही पानी नजर आया। लोगों के घरोें में भी पानी भरा गया। बुधनी के भी यही हाल नजर आए। यहां भी कई घरोें में पानी भरा गया।
नर्मदा सहित कई नदियां उफान पर-
लगातार बारिश के कारण सीहोर जिले की कई नदियां खतरे के निशान से उपर बह रही है। नदियों का पानी किसानोें के खेतोें में और गांवों में घूस गया। इसकेे कारण किसानों की सोयाबीन और मक्का की फसल को नुकसान हुआ है। हालांकि धान की फसल ज्यादा प्रभावित नहीं हुई। होशंगाबाद जिले केे तवा बांध के गेट खुलने से नर्मदा नदी भी उफान पर रही। आंवलीघाट, बाबरी, नेहलाई सहित कई नर्मदा नदी के किनारे बसे गांवों को भी अलर्ट किया गया। नर्मदा की सहायक नदियां कोलार, पार्वती सहित अन्य नदियां भी खतरे के निशान से ऊपर बहती रहीं। मौसम विभाग की माने तो अभी बारिश का दौर लगातार जारी रहेगा।
डेेम भी हुए लबालब, नहीं होगी पानी की परेशानी-
जोरदार बारिश के कारण तत्कालिक परेशानियां जरूर नजर आ रही है, लेकिन पानी के कारण सीहोर जिले के डेम, तालाब लबालब हो गए हैं। इससे आगामी समय में जहां सीहोर सहित कई नगरों को पेयजल की समस्या नहीं होगी तोे वहीं किसानोें को भी पर्याप्त मात्रा में अपनी खेतोें में पानी मिल सकेगा। हालांकि सीहोर जिले का कोलार डेम अभी 60 प्रतिशत ही भरा सका है। कोलार परियोजना की वरिष्ठ अधिकारी हर्षा जैनवाल ने बताया कि कोलार डेम अभी भी 6 मीटर खाली है। कोलार डेम की कुल भंडारण क्षमता 265 एमसीएम है औैर अब इसे भरने मेें समय लगेगा।
सीहोर नगर को मिलेगा भरपूर पानी-
सीहोर नगर कोे पेयजल आपूर्ति करने वाले जमोनिया और भगवानपुरा तालाबों में भी अच्छा जलभराव हो गया है। इसके कारण इस बार सीहोर नगर को पर्याप्त मात्रा में जल आपूर्ति हो सकेगी। भगवानपुरा तालाब अभी 2.5 फीट खाली है। यहां पर 21 फीट पानी आ चुका है। इसी तरह जमोनिया तालाब की भंडारण क्षमता भी करीब 27 फीट है और अभी तक की बारिश से यहां पर 21.5 फीट पानी भर चुका है।