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सीहोर: गुरूपूर्णिमा पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिए भक्तों-शिष्यों को ये गुरूमंत्र

- शहर की सभी होटल, धर्मशालाएं हुईं फुल, रविवार कोे अवकाश के दिन पहुंचे 2 लाख से अधिक श्रद्धालु

सीहोर। गुरूपूर्णिमा के अवसर पर तीन दिवसीय आयोजन केे दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु-भक्त पंडित प्रदीप मिश्रा के कुबेरेश्वर धाम पर पहुंच रहे हैं। गुरूपूर्णिमा के अवसर पर यहां पर सामूहिक दीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इससे पहले दो दिनों तक यहां पर गुरूपूर्णिमा के अवसर पर प्रवचन का आयोजन हुआ। इस दौरान रविवार को अवकाश के दिन यहां पर करीब 2 लाख लोग पहुंचे और उन्होंने दर्शन किए। इस दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने अपने भक्तों, शिष्यों को तीन गुरूमंत्री भी दिए। इधर गुरूपूर्णिमा के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोेदी के भाई प्रहलाद मोदी भी कुबेरेश्वर धाम पहुंचे। इस अवसर पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने उनका शॉल एवं माला पहनाकर स्वागत किया।
अपने शिष्यों को पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिए ये मंत्र –
– ऐसे गुरु की तलाश करें, जिसने अपने भीतर के अंधकार को समाप्त कर ज्ञान की ज्योति प्रज्जवलित कर ली हो।
– गुरु और शिष्य के बीच सबसे बड़ी बात ये थी कि गुरु के हर आदेश का पालन करते थे और काम सफल भी हो जाते थे।
– जब तक भगवान शंकर की कृपा नहीं होती, तब तक मनुष्य एक कदम भी भगवान की ओर नहीं बढ़ा सकता।
गुरु पर भरोसा और समर्पण का भाव रखेंगे तो जीवन सफल हो जाएगा: पंडित प्रदीप मिश्रा
भारतीय संस्कृति में गुरु को अत्यधिक सम्मानित स्थान प्राप्त है। गुरु और शिष्य के बीच सबसे बड़ी बात यह है कि गुरु के हर आदेश का पालन करना है। भरोसा, आस्था और विश्वास पक्का होना चाहिए। कोई भी प्रार्थना बेकार नहीं जाती। अपनी आस्था बनाए रखो और डर को परे रखो। जीवन एक रहस्य है जिसे तुम्हें खोजना है। यह कोई समस्या नहीं जिसे तुम्हें सुलझाना है। अगर तुम यह जान जाओ कि जीना कैसे है तो जीवन सचमुच बेहद आश्चर्यजनक है। गुरु पर भरोसा और समर्पण का भाव रखेंगे तो जीवन सफल हो जाएगा। ये बातेें कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में जारी त्रिदिवसीय गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दूसरे दिन भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने कही। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के गुरु रामकृष्ण परमहंस एक अद्भुत संत थे। जब स्वामी जी ने कहा कि गुरु कैसा होना चाहिए। तो संत श्री परमहंस ने कहा कि गुरु पर विश्वास पक्का होना चाहिए। गुरु अपने शिष्य को दो चीज देता है, एक विश्वास और दूसरा उसको विषम परिस्थितियों में उभरने का मंत्र। गुरु का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु को अत्यधिक सम्मानित स्थान प्राप्त है। भारतीय इतिहास पर नर डाले तो उसमें गुरु की भूमिका समाज को सुधार की ओर ले जाने वाले मार्गदर्शक के रूप में होने के साथ क्रान्ति को दिशा दिखाने वाली भी रही है। भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर माना गया है। भक्ति कभी समाप्त नहीं होना चाहिए, मनुष्य की इच्छा और आकांक्षा कभी समाप्त नहीं होना चाहिए।
आस्था और विश्वास से होता चमत्कार –
इस दौरान यहां पर आए पत्र को पढ़ते हुए भागवत भूषण पंडित श्री मिश्रा ने कहा कि भगवान के भरोसे और आस्था से चमत्कार होते हैं, लाईलाज बीमारियों का अंत होता है। महाराष्ट्र नासिक से आए पति-पत्नी का पत्र दिखाते हुए पंडित श्री मिश्रा ने कहा कि नासिक की शोभा माणिक पाटिल ने बताया कि मेरे परिचित को कैंसर हो गया था, हमारे मित्र-परिचित के लिए कुबेरेश्वरधाम से बाबा पर भरोसा कर यहां पर होने वाले रुद्राक्ष को ले गए और बीमारी से मुक्ति मिली।
सामूहिक रूप से होगा गुरुदीक्षा का आयोजन-
विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि कुबेरेश्वरधाम पर हर साल की तरह इस साल भी त्रिदिवसीय गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जा रहा है। सोमवार को पावन पूर्णिमा के अवसर पर सुबह सात बजे बाबा की महाआरती का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात सुबह आठ बजे से दस बजे तक सामूहिक रूप से गुरुदीक्षा प्रदान की जाएगी। बारिश से राहत मिलने के कारण जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पर प्रवचन और गुरु दीक्षा के कार्यक्रम में आ रहे हैं। यहां पर प्रशासन और समिति के द्वारा श्रद्धालुओं के ठहरने के साथ ही अन्य व्यवस्था की है। रविवार को भी करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यहां पर जारी भंडारे में प्रसादी ग्रहण की। सोमवार को भी सुबह से निरंतर भंडारे का क्रम जारी रहेगा। यहां पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को निःशुल्क प्रसादी और रुद्राक्ष वितरण जारी रहेगा।
40 एकड़ में बनाए गए पांडाल-
गुरूपूर्णिमा आयोजन के लिए यहां पर करीब 40 एकड़ के मंदिर परिसर में दो भव्य पांडालों का निर्माण किया गया है। शनिवार से शुरू हुए इस आस्था के महाकुंभ में लाखों की संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन यहां पर पहुंच रहे हैैं। आयोजन को लेकर समिति द्वारा यहां पर भव्य रूप से तैयारियां की गई हैं। समिति और प्रशासनिक स्तर पर ट्राफिक व्यवस्था, मजबूत बैरिकेडिंग, ड्रॉप गेट, सांकेतिक निशान, वाहन पार्किंग, कंट्रोल रूम, पेयजल, मंदिर परिसर में साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्था की गई है।

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