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देश सहित विदेशों को भी हरा-भरा करेगा सीहोर का ‘कुबेरेश्वर धाम’

सीहोर। सीहोर की पावन धरा पर स्थित अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कुबेरेश्वर धाम इस वर्ष एक नए और ऐतिहासिक अवतार में नजर आने वाला है। आगामी 14 से 20 फरवरी तक आयोजित होने वाला रुद्राक्ष महोत्सव इस बार न केवल आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बनेगा, बल्कि ग्रीन शिवरात्रि के संकल्प के साथ पर्यावरण संरक्षण का विश्व रिकॉर्ड भी रचेगा। पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में होने वाले इस भव्य आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने इस बार ग्रीन शिवरात्रि की अनूठी अवधारणा पेश की है। उन्होंने कहा कि शिव ही प्रकृति हैं, इसलिए 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन विठलेश सेवा समिति के माध्यम से देश-विदेश में एक करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। पंडित मिश्रा ने भक्तों से अपील की है कि वे एक लोटा जल शिवलिंग को और एक लोटा जल पौधों को समर्पित करें। श्रद्धालु अपने लगाए पौधों की तस्वीरें साझा करेंगे, जिन्हें कथा के दौरान टीवी चैनलों पर प्रदर्शित किया जाएगा।
256 ‘तीसरी आंख’ का पहरा
भीड़ और सुरक्षा प्रबंधन के लिए इस बार प्रशासन और समिति ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। पूरे परिसर में 256 हाई टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। नेटवर्क की समस्या को दूर करने के लिए अस्थायी मोबाइल टावर लगाए गए हैं। साथ ही मंदिर प्रांगण में नए कॉरिडोर का निर्माण किया गया है ताकि श्रद्धालुओं का भ्रमण और वाहनों का आवागमन बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से चलता रहे।
डेढ़ लाख भक्तों के लिए पक्का पांडाल
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार 1 लाख 80 हजार स्क्वायर फीट में विशाल और पक्के डोम पांडाल का निर्माण किया गया है, जहां एक साथ डेढ़ लाख लोग कथा सुन सकेंगे।
भोजनशाला: 10 एकड़ में फैली भोजनशाला में इस बार चार अलग-अलग कतारें होंगी ताकि भक्तों को इंतजार न करना पड़े। भोजन पूरी तरह निशुल्क रहेगा।
सस्ता पानी: श्रद्धालुओं को मात्र 5 रुपए में एक लीटर ठंडे पानी की बोतल उपलब्ध कराई जाएगी।
कुबेरेश्वर धाम से स्टेशन तक 20 अस्पताल
श्रद्धालुओं की सेहत का ख्याल रखते हुए धाम से लेकर रेलवे स्टेशन तक के मार्ग पर 20 अस्थायी अस्पताल बनाए जा रहे हैं। वृद्ध और दिव्यांगों के लिए विशेष एम्बुलेंस सेवा रहेगी जो उन्हें सीधे कथा स्थल तक छोड़ेगी। कतारों के बीच भी मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी।
17 फरवरी को होगा संतों का महासंगम
महोत्सव के दौरान हर दिन विशिष्ट अतिथियों और संतों का आगमन होगा। विशेष रूप से 17 फरवरी को बागेश्वर धाम सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कुबेरेश्वर धाम पहुंचेंगे। भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हर दिन अलग-अलग संतों के प्रवास की व्यवस्था की गई है।

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