कुबेरेश्वर धाम में ग्रीन संकल्प के साथ मनी शिवरात्रि, पं. प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर देश भर में रोपे गए एक करोड़ पौधे

सीहोर। जिला मुख्यालय के समीप चितावलिया हेमा स्थित कुबेरेश्वर धाम में आयोजित सात दिवसीय रुद्राक्ष महोत्सव के दूसरे दिन आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। महोत्सव के दूसरे दिन पांच लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने शिव महापुराण कथा का श्रवण किया। इस दौरान ग्रीन शिवरात्रि के संकल्प के साथ अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर देश भर में करीब एक करोड़ से अधिक पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का विश्व रिकॉर्ड जैसा संदेश दिया गया।

कथा के प्रारंभ में पंडित प्रदीप मिश्रा ने मंदिर परिसर में रुद्राक्ष से निर्मित भव्य शिवलिंग का विधि-विधान से पूजन किया। इसके पश्चात उन्होंने ज्योतिर्लिंग वाटिका में बेलपत्र सहित 13 पौधों का रोपण कर ग्रीन शिवरात्रि अभियान की शुरुआत की। उनके इस आह्वान पर मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, बिहार और हिमाचल प्रदेश सहित पूरे देश में उनके करोड़ों अनुयायियों ने एक साथ पौधारोपण किया।
महादेव सांसों में बसते हैं: पं. प्रदीप मिश्रा
पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिव महापुराण के रहस्यों को साझा करते हुए कहा कि महादेव को बाहर खोजने की जरूरत नहीं है, वे हमारी श्वासों के रूप में हमारे भीतर ही विराजमान हैं। उन्होंने तीन प्रमुख सूत्र दिए और कहा कि हमारी आत्मा ही लिंग है, जिसे आत्मलिंग कहा गया है। महादेव अपने भक्त को धन देने से पहले सहनशीलता देते हैं, जो आज के समाज की सबसे बड़ी जरूरत है। जब भक्त एक लोटा जल लेकर मंदिर जाता है तो वह वास्तव में अपना विश्वास लेकर जाता है।
सामाजिक और राष्ट्रभक्ति का संदेश
महाराज श्री ने संस्कारों पर जोर देते हुए भावुक होकर कहा जिस घर के बच्चे मंदिर की सीढ़ी चढऩा शुरू कर देते हैं, उस घर के बुजुर्गों को कभी वृद्धाश्रम की सीढ़ी नहीं चढऩी पड़ती। उन्होंने प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का समर्थन करते हुए स्वदेशी अपनाने की अपील की।



