एसपी दीपक कुमार शुक्ला का मिशन क्लीन, सीहोर में जघन्य अपराधियों का बचना नामुमकिन, 85 प्रतिशत मामलों में मिली सजा

सीहोर। जिले में अब अपराधी अपराध करने से पहले सौ बार सोच रहे हैं। एसपी दीपक कुमार शुक्ला की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और कोर्ट में पुलिस की मजबूत घेराबंदी का नतीजा है कि जघन्य अपराधों में दोषसिद्धि का आंकड़ा रिकॉर्ड 85 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हत्या से लेकर दुष्कर्म जैसे घृणित कार्यों में लिप्त अपराधियों को न केवल सलाखों के पीछे भेजा गया, बल्कि पुलिस की सटीक पैरवी ने उन्हें कड़ी सजा भी दिलवाई है।
सजा के विवरण की बात करें तो हत्या के 04 अलग-अलग मामलों में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं महिला संबंधी अपराधों में भी न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। दुष्कर्म के 06 मामलों में सजा हुई है, जिसमें एक दोषी को उम्रकैद, तीन दोषियों को 20-20 साल और दो दोषियों को 7 साल की जेल हुई है। इसके साथ ही एसिड अटैक के एक मामले में भी दोषी को 10 साल के कारावास की सजा मिली है।
पुलिस विभाग ने कानून व्यवस्था को और सख्त करने के लिए वर्ष 2025 के 15 नए गंभीर मामलों को भी चिन्हित श्रेणी में शामिल किया है। इन मामलों की तेजी से जांच और समय पर गवाही सुनिश्चित करने के लिए थाना प्रभारी स्तर के नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। पुलिस का लक्ष्य है कि अभियोजन विभाग के साथ मिलकर इन मामलों में भी दोषियों को जल्द से जल्द सख्त सजा दिलाई जा सके।

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