एसपी शुक्ला ने की पुलिस कार्यालय की सभी शाखाओं की समीक्षा

सीहोर। जिले की कानून व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाने के लिए पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने गुरुवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय की समस्त महत्वपूर्ण शाखाओं के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत और रक्षित निरीक्षक उपेन्द्र यादव सहित सभी शाखा प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय कार्यालय को पूरी तरह डिजिटल बनाने का रहा। एसपी श्री शुक्ला ने निर्देश दिए कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय में जल्द ही ई-ऑफिस प्रणाली शुरू की जाएगी। इसके लिए सभी शाखा प्रभारियों को जल्द ही विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि कागजी कार्रवाई में होने वाली देरी को कम किया जा सके और पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
शाखावार प्रमुख निर्देश
रीडर शाखा: समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस वर्ष अब तक 3 चिन्हित अपराधों में माननीय न्यायालय द्वारा दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। एसपी ने ड्रग विनिष्टीकरण और गंभीर अपराधों के पर्यवेक्षण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
साइबर सेल: गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश और संपत्ति संबंधी अपराधों को सुलझाने में साइबर सेल की भूमिका को और मजबूत करने के लिए आवश्यक सॉफ्टवेयर और संसाधनों को अपडेट करने के निर्देश दिए गए।
वेतन और स्थापना शाखा: पुलिस कर्मचारियों के कल्याण पर ध्यान देते हुए निर्देश दिए गए कि सभी वेतन-भत्ते, टीए, मेडिकल और अवकाश के लाभ समय पर मिलें। साथ ही लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों का जल्द निराकरण करने को कहा गया।
शिकायत और लीगल सेल: विभिन्न आयोगों और वरिष्ठ स्तर से प्राप्त शिकायतों को निर्धारित समय अवधि में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उच्च न्यायालय में लंबित अवमानना और आपराधिक अपील प्रकरणों में शीघ्र जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया।
डीएसबी और डीसीबी: पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन के लंबित मामलों को समय पर पूरा करने तथा आगामी त्योहारों को देखते हुए सूचना संकलन को सक्रिय करने के निर्देश दिए।
रक्षित केंद्र और आईएसओ सर्टिफिकेशन
रक्षित केंद्र की समीक्षा करते हुए एसपी ने शासकीय आवासों की मरम्मत और निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन थानों या इकाइयों को आईएसओ सर्टिफिकेशन के लिए चुना गया है, वहां बजट की उपलब्धता के आधार पर प्राथमिकता से कार्य पूर्ण किए जाएं। साथ ही पुलिस वाहनों के समय पर रखरखाव और बजट के समुचित उपयोग पर भी जोर दिया गया। बैठक के अंत में एसपी ने स्पष्ट किया कि कार्यों की गुणवत्ता और जनता के प्रति जवाबदेही में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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