
सीहोर। टाइगर स्टेट मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। बुधनी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले भीमकोठी के घने जंगलों में गुरुवार को एक बाघ का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। जंगल में बाघ का शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में हडक़ंप मच गया और वन विभाग की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला।
घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएफओ सहित वरिष्ठ अधिकारी और पशु चिकित्सकों की एक विशेष टीम मौके पर पहुंच गई है। वन विभाग ने साक्ष्यों की सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र को सीलिंग जोन बनाकर सुरक्षा घेरे में ले लिया है। मौके पर फॉरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौत प्राकृतिक है या इसके पीछे कोई मानवीय हस्तक्षेप या शिकार की साजिश है।
डॉक्टरों की टीम कर रही परीक्षण
बुधनी वन परिक्षेत्र अधिकारी रजित द्विवेदी ने बताया कि डॉक्टरों की टीम बाघ के शरीर का सूक्ष्म परीक्षण कर रही है। वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में बाघ का विधिवत पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार बाघ का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
बुधनी क्षेत्र में बढ़ता खतरा
बुधनी और रातापानी अभयारण्य से सटे होने के कारण यह पूरा बेल्ट बाघों की आवाजाही के लिए जाना जाता है। जानकारों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में बुधनी और आसपास के वन क्षेत्रों में बाघों की मौत के मामले बढ़े हैं। रिकॉर्ड के मुताबिक पिछले 3 से 4 वर्षों में इस क्षेत्र में करीब आधा दर्जन से अधिक बाघों की मौत अलग-अलग कारणों से हो चुकी है। इसमें से कुछ मौतें ट्रेन की चपेट में आने (मिडघाट सेक्शन) और कुछ आपसी संघर्ष के कारण हुई थीं। गुरुवार को मिली यह लाश इस क्षेत्र में बाघों की सुरक्षा पर पुन: खड़े कर रही है।
इनका कहना है
हमारी टीम मौके पर है और हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। वन विभाग वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
रजित द्विवेदी, वन परिक्षेत्र अधिकारी बुधनी