
सीहोर। रेहटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रसिद्ध रूद्रधाम आश्रम रमकढ़ा में पिछले दिनों हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने देवास जिले के तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने मंदिर का ताला तोडक़र दान पेटी चोरी की थी। आरोपियों के पास से पुलिस ने चोरी का माल और वारदात में इस्तेमाल की गई कीमती कार भी जप्त कर ली है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीती 9 दिसंबर की रात को रमगढ़ा स्थित रूद्रधाम आश्रम के शनि मंदिर को चोरों ने निशाना बनाया था। मंदिर के पुजारी विनीत तिवारी ने रेहटी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोरों ने मंदिर के शटर का ताला तोडक़र सिंदूरी रंग की दान पेटी चोरी कर ली है, जिसमें लगभग 5000 रुपये की नकदी मौजूद थी। इस शिकायत पर रेहटी पुलिस ने बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
सीसीटीवी और मुखबिर ने खोल दी पोल
चोरी की बढ़ती वारदातों को देखते हुए एसपी दीपक कुमार शुक्ला और एएसपी सुनीता रावत के निर्देश पर रेहटी थाना प्रभारी राजेश कहारे के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने जब क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया तो देवास जिले के पानीगांव के कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए। पुलिस ने घेराबंदी कर संदेही युसूफ को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया।
ब्रेजा कार से आए थे चोरी करने
पकड़े गए आरोपियों की पहचान युसूफ , असलम और नर्मदा प्रसाद मालवीय के रूप में हुई है। ये तीनों ही देवास जिले के पानीगांव के रहने वाले हैं। आरोपियों ने बताया कि वे ब्रेजा कार से रेहटी आए थे और सूना मौका पाकर मंदिर की दान पेटी पार कर दी थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दान पेटी, 1,920 रुपये नकद और घटना में इस्तेमाल की गई कार को भी जप्त कर लिया है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल और चोरी का खुलासा करने में रेहटी थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश कहारे, सउनि सुमेर सिंह उइके, प्रधान आरक्षक महेन्द्र सिंह, आरक्षक जितेन्द्र गौर, योगेश कटारे, पुष्पेन्द्र जाट और विकास नागर की मुख्य भूमिका रही। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों से अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।