Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

पूर्व सीएम ‘शिवराज‘ के समर्पण से संभव, सैनिक स्कूल के प्रथम चरण का लोकार्पण

सीहोर। बुधनी तहसील के बगवाड़ा में नवनिर्मित सम्राट विक्रमादित्य सैनिक स्कूल के प्रथम चरण का लोकार्पण और द्वितीय चरण के निर्माण का भूमि पूजन कार्यक्रम गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। इस स्कूल का उद्देश्य छात्रों को एक सैनिक के रूप में तैयार कर देश सेवा के लिए समर्पित करना है।
कार्यक्रम का आरंभ द्वितीय चरण के निर्माण हेतु भूमि पूजन से हुआ। उपस्थित अतिथियों ने पारंपरिक विधि विधान से पूजा कर कुदारी से जमीन खोदकर निर्माण कार्य की शुरुआत की। इसके उपरांत प्रथम चरण में बनी नव निर्मित बिल्डिंग का लोकार्पण किया गया। राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने मंत्रोच्चार के बीच डोरी खींचकर बिल्डिंग का उद्घाटन किया। अतिथियों ने सरस्वती, ओम और भारत माता के चित्रों पर दीप प्रज्जवलित कर और पुष्प अर्पित कर पूजन किया।

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अरुण डागा महानिदेशक एनएसडीसी उपस्थित थे, जबकि अध्यक्षता राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने की। विशिष्ट अतिथियों में मोहन लाल गुप्ता अध्यक्ष सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान मप्र, डॉ. शिरोमणि जी दुबे प्रादेशिक सचिव, भालचंद रावले क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य और शशिकांत फडक़े अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य शामिल थे।
नौ सैनिक विद्यालय
कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए प्रांतीय सचिव डॉ. शिरोमणि दुबे ने बताया कि सरस्वती शिशु मंदिर योजना के तहत देश में 9 सैनिक विद्यालय शुरू किए गए हैं। मध्य प्रदेश में यह चौथा सैनिक स्कूल है, जो नर्सरी से बारहवीं तक संचालित होगा। सैनिक स्कूल कक्षा 6 से प्रारंभ होगा, जिसमें 600 छात्र और 200 छात्राएं अध्ययन करेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन विद्यालयों से देशभक्त सैनिक पैदा होंगे, जो राष्ट्र सेवा के बड़े पदों पर कार्य करेंगे।
एनएसडीसी का सहयोग
मुख्य अतिथि अरुण डागा ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर योजना लंबे समय से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया है और दूसरे चरण के निर्माण में भी आवश्यकतानुसार विभाग के माध्यम से आर्थिक सहयोग दिया जाएगाए ताकि यह देश का सबसे सुविधा युक्त सैनिक विद्यालय बनकर तैयार हो सके।
राजनीति से पूर्व शिशु मंदिर दीदी
अध्यक्षता कर रहीं राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने अपने उद्बोधन में बताया कि वह पूर्व में सरस्वती शिशु मंदिर की दीदी रही हैं, जिससे उनमें आत्मबल, साहस और धैर्य जैसे गुणों का समावेश हुआ। उन्होंने कहा कि वह इस मुकाम तक आकर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं और जब भी इस विद्यालय में बुलाया जाएगा, वह उपस्थित होंगी।
मुख्यमंत्री का समर्पण
सरस्वती विद्या प्रतिष्ठान के अध्यक्ष मोहनलाल गुप्ता ने बताया कि बुधनी में लंबे समय से शिशु मंदिर प्रारंभ करने की इच्छा थी, जिसका प्रारंभ सैनिक स्कूल के रूप में हुआ है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा इस सैनिक स्कूल के लिए 16 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध कराने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय में बालक एवं बालिका छात्रावास, सभा हॉल तथा स्विमिंग पूल, घुड़सवारी और शूटिंग सहित सभी खेलों के ग्राउंड जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध होंगी। श्री गुप्ता ने कहा कि यहां से निकलने वाला हर छात्र एक सैनिक के रूप में तैयार होगा, जो दुनिया में भारत देश का झंडा फहराएगा, ठीक उसी प्रकार जैसे सरस्वती शिशु मंदिर के पूर्व छात्र आज आईएएस, आईपीएस, डिफेंस और अंतरिक्ष जैसे बड़े पदों पर शौर्य का परिचय दे रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान सैनिक स्कूल की बिल्डिंग और सडक़ निर्माण करने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनियों के मालिकों को शाल श्रीफल से सम्मानित किया गया। अंत में सैनिक स्कूल के प्रबंधक संतोष शर्मा ने नगर पालिका अध्यक्ष, पुलिस प्रशासन, अन्य विभागों, दूर-दूर से आए सरस्वती शिशु मंदिर समितियों के अध्यक्षों, सदस्यों, प्राचार्यों, विभाग समन्वयकों और सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ, जिसके बाद अतिथियों ने बिल्डिंग के द्वार पर स्वास्तिक चिन्ह बनाकर छात्रों के प्रवेश का प्रारंभ कराया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button