
सीहोर। साल भर सुस्त रहने वाला खाद्य सुरक्षा विभाग एक बार फिर त्योहार की दस्तक पर नींद से जागा है। होली का पर्व सिर पर है और मिलावटखोर सक्रिय हैं, ऐसे में ऐन वक्त पर विभाग ने शहर की खाद्य दुकानों का रुख किया है। सोमवार को कलेक्टर बालागुरू के. के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जिले के विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट और प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर नमूने संग्रहित किए।
खाद्य विभाग की टीम ने सीहोर शहर के मेवाड़ा रेस्टोरेंट, बालाजी रेस्टोरेंट, सरकार रेस्टोरेंट, यादव रेस्टोरेंट, श्याम रेस्टोरेंट और पूर्वा नमकीन सेंटर पर दबिश दी। यहां से मावा, पनीर, घी और अन्य खाद्य सामग्रियों के सैंपल लिए गए। इसी तरह की कार्रवाई श्यामपुर के भी कई खाद्य प्रतिष्ठानों में की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
महज औपचारिकता या ठोस कार्रवाई
होली के महज एक दिन पहले की गई इस कार्रवाई को लेकर आमजन में चर्चा है कि यह केवल एक औपचारिकता है। लोगों का सवाल है कि जब तक इन नमूनों की रिपोर्ट आएगी, तब तक त्योहार बीत चुका होगा और मिलावटी सामान जनता की सेहत बिगाड़ चुका होगा। मिलावट को रोकने के लिए नियमित जांच के बजाय केवल त्योहारों पर सक्रिय होने की विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
कलेक्टर के सख्त निर्देश
कलेक्टर बालागुरू के. ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को जिलेभर में अभियान चलाकर गुणवत्ता सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्यवाही करने को कहा है।