पुलिस का मानवीय चेहरा, 3 साल की आराध्या के घर फिर लौटी खुशियां, चंद घंटों में पुलिस ने ढूंढ निकाली लाड़ली

सीहोर। आज (मंगलवार) दोपहर जब 3 साल की नन्हीं आराध्या अचानक घर के बाहर से गायब हुई तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई, जिस घर में कुछ देर पहले किलकारियां गूंज रही थीं, वहां मातम जैसा सन्नाटा पसर गया, लेकिन सीहोर पुलिस की संवेदनशीलता ने इस अनहोनी को खुशियों में बदल दिया। पुलिस की मुस्तैदी के चलते महज कुछ ही घंटों के भीतर बच्ची को सुरक्षित ढूंढकर परिजनों की गोद में लौटा दिया गया।
मामला शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पोस्ट ऑफिस के पास रहने वाली 3 वर्षीय आराध्या मंगलवार दोपहर घर के बाहर खेल रही थी। खेलते-खेलते वह अचानक कहीं निकल गई। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब वह नहीं मिली तो बदहवास हालत में थाने पहुंचे। मासूम के गुम होने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हडक़ंप मच गया।
एक्टिव मोड में आई पुलिस, बिछाया सर्चिंग जाल
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। एएसपी सुनीता रावत के मार्गदर्शन में सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा और थाना प्रभारी रविंद्र यादव भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बिना वक्त गंवाए शहर के रास्तों पर नाकाबंदी की और सर्चिंग के लिए अलग-अलग टीमें बनाईं। एक तरफ पुलिस जवान गलियों में खाक छान रहे थे तो दूसरी तरफ साइबर और सीसीटीवी टीम फुटेज खंगालने में जुटी थी। तकनीकी और जमीनी नेटवर्क के सटीक तालमेल का नतीजा यह रहा कि आराध्या को जल्द ही सुरक्षित खोज निकाला गया।
परिजनों की आंखों में आए खुशी के आंसू
जैसे ही पुलिस टीम आराध्या को लेकर परिजनों के पास पहुंची, उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। माता-पिता ने अपनी लाड़ली को सीने से लगा लिया और पुलिस की कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की।

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