सीहोर। जिला मुख्यालय स्थित आईटीआई कन्या छात्रावास की छात्राओं ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर प्रशासन के सामने अपनी पीड़ा बयां की। छात्राओं ने आरोप लगाया कि वे बुनियादी सुविधाओं के अभाव में नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। खाने में इल्लियां निकल रही हैं और सुरक्षा के नाम पर हॉस्टल में कोई चौकीदार तक तैनात नहीं है।
छात्रा करिश्मा, निकिता, प्रियंका, दीपिका सहित कई अन्य छात्राओं ने बताया कि छात्रावास में मिलने वाला भोजन पूरी तरह गुणवत्ताहीन है। खाने में अक्सर इल्लियां और गंदगी निकलती है। वॉटर कूलर की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है, जिसके कारण छात्राओं को गंदा पानी पीना पड़ रहा है। छात्राओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द व्यवस्था न सुधरी तो वे बीमार पड़ सकती हैं।
चौकीदार नहीं, रात को बीमार होने में भी डर
छात्राओं ने सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि हॉस्टल में कोई स्थायी चौकीदार नहीं है। यदि रात के समय किसी छात्रा की तबीयत बिगड़ जाए तो उसे अस्पताल ले जाने वाला भी कोई नहीं होता। इसके अलावा छात्रावास के शौचालय टूटे हुए हैं और कमरों के दरवाजों में कुंडी तक नहीं है, जिससे छात्राओं को डर के साये में रहना पड़ता है।
कड़ाके की ठंड में ठंडे पानी से नहा रहीं छात्राएं
भीषण ठंड के बावजूद छात्राओं के लिए गरम पानी के लिए गीजर की व्यवस्था नहीं है। छात्राओं का कहना है कि वे कड़ाके की सर्दी में ठंडे पानी से नहाने को मजबूर हैं। इतना ही नहीं नया सामान कंबल, चादर, गद्दे उपलब्ध होने के बावजूद उन्हें पुराने और टूटे फूटे गद्दे दिए गए हैं।
4 महीने से अटकी छात्रवृत्ति
छात्राओं ने बताया कि शासन की ओर से मिलने वाली 1000 रुपये प्रति माह की छात्रवृत्ति अगस्त 2025 से नहीं मिली है। बजट उपलब्ध होने के बावजूद 4 माह का भुगतान अटका हुआ है। छात्राओं के अनुसार नई अधीक्षिका ने कई बार आईटीआई प्राचार्य को पत्र लिखकर इन समस्याओं से अवगत कराया है, लेकिन प्राचार्य की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
