
सीहोर। शासकीय महाविद्यालय रेहटी की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा आंवलीघाट में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के माध्यम से समाज सेवा और जागरूकता की अलख जगाई जा रही है। शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने जहाँ एक ओर पवित्र नर्मदा तट पर श्रमदान कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया, वहीं दूसरी ओर गांव की गलियों में एड्स जागरूकता रैली निकालकर ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति सचेत किया।
शिविर के अंतर्गत आयोजित परियोजना कार्य में स्वयंसेवकों ने नर्मदा तट के समीप स्थित बगीचे में सघन सफाई अभियान चलाया। यहां बिखरे हुए डिस्पोजल, दोने, प्लास्टिक और खराब कपड़ों को एकत्रित कर उनका उचित निस्तारण किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने नारों के माध्यम से संदेश दिया कि पर्यावरण को स्वच्छ रखने के लिए पॉलिथीन और डिस्पोजल का उपयोग पूरी तरह बंद करना चाहिए। स्वयंसेवकों ने घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं से भी अपील की कि वे नर्मदा नदी में कपड़े न छोड़ें और इसे स्वच्छ रखने में सहयोग करें।
एड्स जागरूकता रैली निकाली
शिविर के चौथे दिन की शुरुआत योग, प्राणायाम और गांव में प्रभात फेरी के साथ हुई। इसके बाद स्वयंसेवकों ने एड्स जागरूकता रैली निकाली। रैली के माध्यम से लोगों को बताया गया कि एड्स कैसे फैलता है और इससे बचाव के क्या उपाय हैं। विद्यार्थियों ने आह्वान गीत गाकर ग्रामीणों को इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
एनएसएस के बताए लाभ
शिविर के बौद्धिक सत्रों में ज्ञान की गंगा बही। जमुनागिरी जी महाराज ने विद्यार्थियों को मां नर्मदा की महिमा से अवगत कराया। वहीं महाविद्यालय के भौतिक शास्त्र विभाग के राजाराम रावते ने विद्यार्थियों को वर्तमान समय की बड़ी चुनौती मानसिक तनाव और अवसाद के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने विद्यार्थियों को एनएसएस के बी और सी प्रमाण पत्र के महत्व और दिल्ली की गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होने की प्रक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी।
खेल गतिविधियों का दिखा उत्साह
दिन भर के श्रमदान के बाद शाम का समय खेल और संस्कृति के नाम रहा। स्वयंसेवकों ने आदिवासी नृत्य और राष्ट्रगीत की शानदार प्रस्तुतियां दीं। साथ ही राम-रावण, रुमाल झपट्टा और कितने भाई कितने जैसे पारंपरिक खेल खेलकर टीम भावना का परिचय दिया। यह पूरा आयोजन प्राचार्य डॉ. अंजलि गढ़वाल के मार्गदर्शन और कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पुनीत मालवीय के निर्देशन में किया जा रहा है। शिविर के सफल संचालन में डॉ. भावना शर्मा, डॉ. दीपक रजने, डॉ. मंजुलता नागरे और दीपक जाटव सहित पूर्व स्वयंसेवक अभिषेक वर्मा का विशेष सहयोग मिल रहा है।