
सीहोर। नर्मदा के सीने को छलनी कर रहे रेत माफियाओं के खिलाफ अब प्रशासन ने सीधी जंग छेड़ दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिशा बैठक में अवैध उत्खनन को लेकर जताई गई कड़ी नाराजगी के बाद प्रशासनिक महकमा पूरी तरह अलर्ट पर है। इसी क्रम में बीती रात रेहटी क्षेत्र के नर्मदा घाटों पर बड़ी कार्रवाई की गई, जिसने माफियाओं के नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है। प्रभारी तहसीलदार और टीआई के नेतृत्व में बाबरी और जाजना नर्मदा घाट से 7 पनडुब्बी जब्त की है।
बता दें कलेक्टर बालागुरू के. ने स्पष्ट रूप से खनिज विभाग को माफियाओं पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए हैं। लेकिन विडंबना देखिए कि जिस विभाग की मुख्य जिम्मेदारी अवैध उत्खनन रोकना है, वह पूरी तरह निष्क्रिय और सुस्त नजर आ रहा है। खनिज विभाग की इसी मेहरबानी के बीच राजस्व और पुलिस की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए खुद कमान संभाली है। चर्चा है कि राजस्व विभाग के अधिकारी रात-रात भर घाटों पर खाक छान रहे हैं, तब खनिज विभाग की टीम नदारद रहती है।
रेहटी में रात भर चला ‘ऑपरेशन नर्मदा’
बीती रात रेहटी के प्रभारी तहसीलदार युगविजय सिंह यादव और थाना प्रभारी राजेश कहारे के नेतृत्व में नर्मदा के विभिन्न घाटों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। इस ‘सरप्राइज रेड’ से रेत माफियाओं को भागने तक का मौका नहीं मिला। कार्रवाई के दौरान आधा दर्जन से अधिक पनडुब्बियां जब्त की गईं। यह कार्रवाई पूरी रात जारी रही, जिससे अवैध उत्खनन में लगे सिंडिकेट में खलबली मच गई है।
करोड़ों का जुर्माना, फिर भी माफिया बेखौफ
बता दें जिले में अवैध उत्खनन की स्थिति कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा सरकारी आंकड़ों से लगाया जा सकता है।
वित्तीय वर्ष 2025-26: 1 अप्रैल से 18 दिसंबर तक कुल 306 मामले दर्ज किए गए।
अर्थदंड: लगभग 1 करोड़ 27 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसमें से 1.26 करोड़ की वसूली हो चुकी है।
जब्ती: इस अवधि में 218 ट्रैक्टर, 43 डंपर, 6 पोकलेन और 22 जेसीबी मशीनें जब्त की गईं।
ताजा कार्रवाई: 19 दिसंबर से अब तक 66 नए केस दर्ज हुए हैं, जिनमें 53 ट्रैक्टर और 7 जेसीबी पकड़ी गई हैं।