सीहोर के भोपाल नाका पर कल होगा राजा भोज की प्रतिमा का अनावरण

सीहोर। मालवा के गौरव और परमार वंश के प्रतापी शासक महाराजा भोज की भव्य प्रतिमा का कल रविवार दोपहर 12 बजे भोपाल नाका चौराहे पर अनावरण किया जाएगा। नगर पालिका परिषद सीहोर और परमार समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह कार्यक्रम पूरे शहर के लिए उत्सव का केंद्र बना हुआ है। पिछले 15 दिनों से वार्ड क्रमांक 7 की पार्षद हेमलता विजेंद्र परमार और आयोजन समिति द्वारा घर-घर जाकर पीले चावल बांटकर निमंत्रण दिया गया है।
समारोह में मुख्य रूप से प्रभारी मंत्री कृष्णा गौर, स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, विधायक सुदेश राय, भाजपा जिला अध्यक्ष नरेश मेवाड़ा और नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल होंगे। अनावरण के पश्चात मुरली स्थित राजा भोज मैरिज गार्डन में स्नेह भोज का आयोजन भी किया गया है।
महान शासक और विद्वान थे महाराजा भोज
इतिहास के अनुसार राजा भोज केवल एक राजा नहीं, बल्कि एक युगपुरुष थे। उनके अनावरण के इस अवसर पर उनके गौरवशाली इतिहास को जानना हर नागरिक के लिए गौरव की बात है।
विद्वता और न्यायप्रियता: महाराजा भोज परमार वंश के नौवें राजा थे, जिन्होंने 1010 ईस्वी से 1055 ईस्वी तक शासन किया। वे जितने कुशल योद्धा थे, उतने ही बड़े विद्वान भी थे। कहा जाता है कि उन्होंने व्याकरण, ज्योतिष, आयुर्वेद और स्थापत्य कला पर 80 से अधिक ग्रंथों की रचना की थी।
शिक्षा और संस्कृति के संरक्षक: उन्होंने धार (मालवा) में भोजशाला की स्थापना की, जो उस समय का सबसे बड़ा शिक्षा केंद्र था। वे स्वयं कवियों और विद्वानों के संरक्षक थे।
जल प्रबंधन के अग्रदूत: आज भी मध्य प्रदेश में जल प्रबंधन की चर्चा राजा भोज के बिना अधूरी है। उन्होंने ही एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील भोज ताल (बड़ा तालाब) भोपाल का निर्माण कराया था, जो इंजीनियरिंग का उस समय का अद्भुत नमूना था।
स्थापत्य कला का शिखर: रायसेन जिले में स्थित प्रसिद्ध भोजपुर शिव मंदिर उनकी निर्माण कुशलता का प्रमाण है, जिसे उत्तर भारत का सोमनाथ भी कहा जाता है।
प्रेरणा की नई मिसाल
नपाध्यक्ष प्रिंस राठौर ने कहा कि राजा भोज की प्रतिमा आने वाली पीढिय़ों को राष्ट्रभक्ति, सेवा और कला के प्रति प्रेम की प्रेरणा देगी। पार्षद हेमलता परमार और व्यवस्थापक विमल परमार ने नगरवासियों से सपरिवार इस ऐतिहासिक गौरव के साक्षी बनने की अपील की है।

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