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आसमान पर उकेरी शहीदों की शौर्यगाथा, लेजर किरणों से ‘जिंदा’ हुए सीहोर के 356 क्रांतिकारी

सीहोर। सैकड़ाखेड़ी स्थित शहीद समाधि स्थल की मिट्टी बुधवार की देर शाम न केवल देशभक्ति के गीतों से गुंजायमान हुई, बल्कि आधुनिक तकनीक के जरिए इतिहास के पन्ने आसमान पर जीवंत हो उठे। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित अमरवीर वंदन कार्यक्रम में पहली बार दिल्ली की विशेषज्ञ टीम ने लेजर शो के जरिए सीहोर के उन 356 वीर सपूतों की शहादत को प्रदर्शित किया, जिन्होंने 1857 की क्रांति में अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया था। 40 फीट की ऊंचाई पर रंग-बिरंगी किरणों के बीच जब क्रांतिकारियों का संघर्ष दिखाए तो उपस्थित हर नागरिक की आंखें गर्व से नम हो गईं।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लेजर शो रहा, जिसमें आधुनिक लाइट और दमदार साउंड सिस्टम का उपयोग किया गया। लेजर किरणों के माध्यम से आसमान में करीब 40 फीट की ऊंचाई पर एक लघु फिल्म दिखाई गई। इसमें सीहोर के 356 अमर शहीदों के बलिदान और उनके संघर्ष को तकनीक के जरिए उकेरा गया। देशभक्ति के गीतों और लेजर के तालमेल ने उपस्थित जनसमूह में जोश भर दिया।
100 फीट ऊंचे तिरंगे की छांव में वंदन
लेजर शो के साथ ही शहीद स्थल पर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ी यहां 100 फीट ऊंचा विशाल राष्ट्रीय ध्वज स्थापित किया गया है। अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और विधायक सुदेश राय, जिलाध्यक्ष नरेश मेवाड़ा, नपा अध्यक्ष प्रिंस विकास राठौर की उपस्थिति में इस गगनचुंबी तिरंगे का ध्वजारोहण किया गया। यह तिरंगा अब दूर से ही शहीदों की याद दिलाएगा और इस स्थल को एक नई पहचान देगा।
शहीदों को दी श्रद्धांजलि
कलेक्टर बालागुरू के. और एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि सीहोर का इतिहास हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल है। लेजर शो और ऊंचे तिरंगे के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोडऩे का प्रयास किया गया है। कार्यक्रम में आर्केस्ट्रा कलाकारों ने देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुति दी, जिससे पूरा माहौल राष्ट्रभक्ति के रंग में डूब गया।

 

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