जेल में किसी भी बंदी के साथ न हो जाति आधारित भेदभाव: प्रधान जिला न्यायाधीश

सीहोर। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र आर्य ने शनिवार को जिला जेल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने जेल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि उच्चतम न्यायालय के आदेशों का अक्षरश: पालन किया जाए और जेल परिसर में किसी भी बंदी के साथ जाति आधारित भेदभाव या कोई भी भेदभावपूर्ण प्रथा न अपनाई जाए।
निरीक्षण के दौरान जेल में बंदियों के लिए एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर भी आयोजित किया गया। श्री आर्य ने बंदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया कि वे किस प्रकार विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कानूनी प्रक्रियाओं की ली जानकारी
प्रधान जिला न्यायाधीश ने जेल रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए निम्नलिखित बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की, जिसमें कितने बंदियों को अधिवक्ता उपलब्ध कराए गए हैं। समय पर अपील और जमानत आवेदन प्रस्तुत करने की स्थिति। ऐसे बंदी जो जमानत मिलने या सजा पूरी होने के बाद भी किन्हीं कारणों से जेल में निरुद्ध हैं, उनके मामलों की जानकारी लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
अधिकारी रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वप्नश्री सिंह, जिला विधिक सहायता अधिकारी जीशान खान, लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सदस्य शरद जोशी, राजेंद्र कुमार कुशवाह, आसिफ खान, एकता सेन और जेल अधीक्षक प्रतिभा पटेल उपस्थित रहीं।



