
सीहोर। आगामी चैत्र नवरात्रि, ईद, रामनवमी, महावीर जयंती और हनुमान जयंती जैसे प्रमुख त्योहारों को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में आयोजित एक महत्वपूर्ण मासिक बैठक में एसपी दीपक कुमार शुक्ला ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की और सभी थाना क्षेत्रों के सूचना संकलन कर्मचारियों को कड़े निर्देश जारी किए।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान निकलने वाले जुलूसों और बड़े धार्मिक आयोजनों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जुलूस निकालने वाले रास्तों का पहले से भौतिक सत्यापन किया जाए। सुरक्षा के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग हो। जरूरत पडऩे पर ड्रोन कैमरों और ऊंची इमारतों पर स्नाइपर्स या विशेष बल की तैनाती की जाए। थाना प्रभारी और बीट प्रभारी सीधे आयोजकों से संपर्क करें और व्यवस्था बनाने के लिए स्थानीय वालंटियर की मदद लें।
अफवाहों पर पैनी नजर
बैठक में एसपी ने डिजिटल पेट्रोलिंग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्योहारों के समय सोशल मीडिया पर भ्रामक और संवेदनशील पोस्टों के जरिए शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी संदेहास्पद सूचना पर बिना देरी किए तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
धार्मिक स्थलों, सीसीटीवी की जांच
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए जिले के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। एसपी ने कहा कि वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की कार्यक्षमता जांची जाए और यदि कोई कैमरा बंद है तो उसे तत्काल ठीक करवाया जाए। साथ हीए सार्वजनिक स्थानों पर मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग को बढ़ाने और संदिग्धों की चेकिंग करने के भी आदेश दिए गए।
घाटों पर विशेष सुरक्षा
आगामी अमावस्या पर्व को ध्यान में रखते हुए नदी के घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था और फिक्स पॉइंट्स लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके अलावा अवैध गतिविधियों, जुआ, सट्टा और शराब तस्करी पर भी नकेल कसने के लिए पुलिस उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत, विशेष शाखा निरीक्षक सत्येंद्र यादव, उप निरीक्षक संतोष मेहरा सहित जिलेभर के थानों से आए सूचना संकलन कर्मचारी उपस्थित रहे।