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मध्यप्रदेश में बारिश तो होगी, लेकिन मालवा—निमाड के लिए ज्यादा उम्मीदें नहीं

​मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूर्वोत्तर और ओडिशा—छत्तीसगढ में सक्रिय है मानसून, 5 से मप्र में बारिश

भोपाल। मध्यप्रदेश के अधिकतर क्षेत्रों में मानूसन की लंबी खेंच से सोयाबीन, मूंगफली, बारिश की मूंग, मक्का, कपास और सब्जियों की फसलें वेंटीलेटर पर पहुंच गई गई हैं। पहले ही कम बारिश और उस पर लंबी खेंच से खेतों में इतनी दयनीय स्थिति है कि अन्नदाताओं के आंसू निकल आए हैं। बारिश के इंतजार में एक एक दिन भारी पड रहा है। हालां​कि मौसम विशेषज्ञों की मानें तो पांच सितंबर से प्रदेश में मौसम करवट लेगा और कई क्षेत्रोें में अच्छी बारिश होगी। किसानों का कहना है कि अगर ऐसा नहीं होता है तो प्रदेश के किसानों को इस साल तगडा झटका लगने वाला है। इससे उबर पाना आसान नहीं होगा। मालवा—निमाड में कितनी क्या बारिश होगी, इसकी स्थिति साफ नहीं है।

इस रास्ते से आ रहा मानसून
मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि उत्तरी प्रायदीप, ओडिशा और छत्तीसगढ में अगले पांच दिन मानसून सक्रिय रहने वाला है। इसके अलावा दो दिन बाद यानी 5 सितंबर से उत्तर भारत, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र में भारी बारिश होने की संभावना है। मध्यभारत की बात करें तो पश्चिमी मध्यप्रदेश में 6 और 7 सितंबर, पूर्वी मध्यप्रदेश और विदर्भ में 5 से से सितंबर, छत्तीसगढ में 3 से 7 सितंबर तक तेज बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

 

 

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