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सलकनपुर मंदिर परिसर में कार के वीडियो को पुलिस ने स्वीकारा, बताया तीने महीने पुराना

सीहोर। प्रसिद्ध विजयासन धाम सलकनपुर के मंदिर परिसर में एक कार के परिक्रमा मार्ग तक पहुंचने के वायरल वीडियो ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस संवेदनशील मामले में अब पुलिस प्रशासन का आधिकारिक बयान सामने आया है। पुलिस ने स्वीकार किया है कि यह घटना वर्तमान नवरात्रि की नहीं, बल्कि करीब 3 माह पुरानी है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर जो वीडियो प्रसारित हो रहा है, वह वर्तमान चैत्र नवरात्रि का नहीं है। उन्होंने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बताया कि वीडियो लगभग 2 से 3 माह पुराना है। हालांकि मंदिर के उस प्रतिबंधित क्षेत्र में जहां श्रद्धालु पूजा-अर्चना और परिक्रमा करते हैं, वहां कार का पहुंचना सुरक्षा में सेंध जैसा है, जिसे पुलिस ने भी एक तरह से स्वीकार किया है।
भीड़ और बैनर की अनुपस्थिति बनी आधार
पुलिस के अनुसार वीडियो का सूक्ष्मता से अवलोकन करने पर स्पष्ट होता है कि इसमें नवरात्रि के दौरान उमडऩे वाली श्रद्धालुओं की वह भारी भीड़ नजर नहीं आ रही है, जो आमतौर पर रहती है। इसके अलावा नवरात्रि के स्वागत के लिए मुख्य द्वार पर लगाए जाने वाले विशेष बैनर और पोस्टर भी वीडियो में दिखाई नहीं दे रहे हैं। इसी आधार पर प्रशासन ने इस वीडियो को वर्तमान समय के लिए भ्रामक बताया है।
नवरात्रि में पुलिस की रही सक्रियता
एसडीओपी रवि शर्मा के अनुसार इस बार नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक पुलिस और होमगार्ड के जवान मुस्तैद रहे। एसडीओपी ने बताया कि कड़े सुरक्षा प्रबंधों के कारण ही लाखों की भीडक़े बावजूद पूरे मंदिर परिसर और घाट सेक्शन में कोई भी अप्रिय घटना या दुर्घटना घटित नहीं हुई।
सुरक्षा पर फिर उठी मांग
इधर भले ही वीडियो पुराना बताया जा रहा हो, लेकिन मंदिर की सीढिय़ों और मुख्य परिसर के पास वाहन पहुंचने की इस घटना ने श्रद्धालुओं के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भविष्य में ऐसी चूक न हो, इसके लिए मंदिर समिति और प्रशासन को और अधिक कढ़ाई बरतनी चाहिए।

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