
सीहोर। शक्ति की उपासना के पर्व नवरात्रि के दौरान मध्यप्रदेश ने नारी सशक्तिकरण की दिशा में एक नई मिसाल कायम की है। घातक सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। विशेष रूप से अष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेश की 2 लाख 11 हजार 914 बेटियों को दोपहर 12 बजे तक यह सुरक्षा कवच प्रदान किया जा चुका है।
यह बड़ी सफलता केवल एक सरकारी आंकड़ा नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य का संकल्प है। इस अभियान को सफल बनाने में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ स्कूल शिक्षा, जनजातीय विकास और पंचायत विभाग का बेहतर तालमेल रहा। जमीनी स्तर पर एएनएम आशा कार्यकर्ताओं और आरबीएसके के डॉक्टरों की मेहनत ने इसे जन आंदोलन का रूप दे दिया है।
जागरूक अभिभावकों ने पेश की मिसाल
अभियान की सफलता में उन जागरूक माता-पिता की बड़ी भूमिका रही, जिन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से समाज को प्रेरित किया। मण्डीदीप के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. शलभ तिवारी और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्योति तिवारी ने अपनी 14 वर्षीय बेटी रिद्धिमा को वैक्सीन लगवाकर संदेश दिया कि यह पूरी तरह सुरक्षित है। रिद्धिमा ने भी गर्व से कहा थोड़ा सा दर्द और जिंदगी भर की सुरक्षा। खंडवा के पुलिसकर्मी श्रवण और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अपर मिशन संचालक दिशा प्रणय नागवंशी ने भी अपनी बेटियों का टीकाकरण करवाकर समाज के सामने उदाहरण पेश किया।
इन जिलों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
प्रदेश के मंडला, बालाघाट, डिंडोरी, राजगढ़, खरगोन और खंडवा जैसे जिलों ने 50 प्रतिशत से अधिक टीकाकरण कवरेज हासिल कर मिसाल पेश की है। इन जिलों में प्रशासनिक सक्रियता और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से अभियान को नई गति मिली।
अभिभावकों से अपील
मध्यप्रदेश सरकार कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम और इलाज के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपनी 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण अनिवार्य रूप से कराएं। यह टीका भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के खतरे को जड़ से खत्म करने में सहायक है।