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करोली वाली माता मंदिर में गूंजे मंत्र, 108 विप्रों ने शुरू किया अनुष्ठान

सीहोर। शहर के गंज क्षेत्र स्थित करोली वाली माता मंदिर में माघ नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्ति और शक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। संयुक्त मां कालका उत्सव समिति के तत्वाधान में आयोजित दस दिवसीय भव्य सहस्त्र चंडी महायज्ञ के दूसरे दिन पूर्ण विधि-विधान के साथ अग्नि स्थापन और नित्य हवन पूजन का क्रम प्रारंभ हुआ।
महायज्ञ के दौरान यज्ञशाला का वातावरण मंत्रोच्चार से गुंजायमान है। यज्ञाचार्य पंडित महादेव शर्मा के मार्गदर्शन में मुख्य यजमान तरुण राठौर और कार्यक्रम अध्यक्ष विवेक राठौर सहित करीब 45 से अधिक जोड़ों ने दिव्य अनुष्ठान की क्रियाएं संपन्न कीं। मीडिया प्रभारी प्रदीप समाधिया ने बताया कि विप्रजनों और यजमानों ने यज्ञशाला में प्रवेश किया, जिसके बाद पंचांग पूजन, पितृ पूजन और दुर्गा सप्तशती के पाठ का शुभारंभ हुआ।
34 विप्र कर रहे सप्तशती का पाठ
अनुष्ठान की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 108 विप्रजन इस यज्ञ को संपन्न करा रहे हैं, जिनमें से 34 विप्र निरंतर दुर्गा सप्तशती का पाठ कर रहे हैं। यज्ञशाला में घी, जड़ी-बूटियों और विशेष पूजन सामग्री से दी जा रही आहुतियों से पूरा क्षेत्र सुगंधित और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया है। श्रद्धालुओं के लिए यज्ञ की परिक्रमा का भी विशेष प्रबंध किया गया है।
जगदंबा की आराधना से मिलती है सर्वार्थ सिद्धि
यज्ञाचार्य पंडित महादेव शर्मा ने महायज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सहस्त्र चंडी महायज्ञ से शत्रुओं पर विजय, सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि मां जगदंबा की लीलाएं अनंत हैं और उनकी श्रद्धापूर्वक आराधना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
नियमित भंडारा और प्रसादी
समिति द्वारा यज्ञ के दौरान नियमित रूप से शाम को भंडारे का आयोजन किया जा रहा है। समिति ने समस्त नगरवासियों से सपरिवार पहुंचकर धर्म लाभ लेने और भोजन प्रसादी ग्रहण करने की अपील की है।

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