आष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीरेहटीविशेषसीहोर

झोलाछाप डॉक्टर चला रहे अवैध नर्सिंग होम, दे रहे खुद ही दवाइयां

लोगों की जान के साथ किया जा रहा है खिलवाड़, जिम्मेदार मौन, अधिकारी कर रहे हैं कार्रवाई करने से परहेज

रेहटी। तहसील सहित मुख्यालय पर झोलाछाप डॉक्टर न सिर्फ मरीज देख रहे हैं, बल्कि वे अवैध तरीके से अपने खुद के नर्सिंग होम भी संचालित कर रहे हैं। ये डॉक्टर जहां अपने पास से मरीजों को दवाइयां दे रहे हैं तो वहीं उनको भर्ती करके उनका इलाज कर रहे हैं। नियमानुसार तो इन डॉक्टरों को प्रैक्टिस की भी अनुमति नहीं है, लेकिन इन डॉक्टरों पर कार्रवाई न होना कहीं न कहीं मिलीभगत है। अधिकारी छोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई करने से परहेज कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की छवि को धूमिल करने में उनकी बुदनी विधानसभा के नेता एवं अधिकारी ही सबसे आगे हैं। यही कारण है कि बुदनी विधानसभा अवैध कामों का अड्डा बन चुकी है। यहां पर हर तरह के अवैध कार्य खुलेआम धड़ल्ले से संचालित हैं। इन अवैध कार्यों पर न तो कोई कार्रवाई हो रही है और न ही इन पर बुल्डोजर चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के साफ निर्देश है कि अवैध एवं गलत कार्य करने वालों को नहीं छोड़ा जाए उनके घरों पर बुल्डोजर चलाया जाए, लेकिन बुदनी विधानसभा की रेहटी तहसील में जमकर अवैध कार्य किए जा रहे हैं। इनमें से एक हैं झोलाछाप डॉक्टरों की क्लिनिकें, जिन्हें संचालित करने की कोई अनुमति इनके पास नहीं है, लेकिन इसके बाद इनकी क्लिनिकें धड़ल्ले से संचालित है।
बना रखे हैं अस्थाई नर्सिंग होम-
रेहटी तहसील मुख्यालय पर लगभग 2 दर्जन से अधिक झोलाछाप डॉक्टरों ने अपनी क्लिनिकें खोल रखी हैं, तो वहीं कई डॉक्टरों ने क्लिनिकों के साथ में अस्थाई नर्सिंग होम्स भी खोल रखे हैं, जहां पर ये बाहर से आने वाले मरीजों को भर्ती कर देते हैं एवं ड्रीप लगा देते हैं। ये झोलाछाप डॉक्टर खुद के पास से ही दवाइयां भी उपलब्ध करवाते हैं, जबकि ये काम पूरी तरह अवैध है। दवाइयां रखने एवं बेचने के लिए लाइसेंस जरूरी है, लेकिन ये बिना लाइसेंस के ही धड़ल्ले से दवाइयां भी दे रहे हैं। इनकी कई बार शिकायतें सीएमएचओ कार्यालय सहित ड्रग इंस्पेक्टर से भी की गई, लेकिन इनके ऊपर कार्रवाई करने से हर कोई परहेज कर रहा है।
प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे हैं इनके क्लिनिक-
स्थिति यह है कि ज्यादातर स्थानों पर प्रशासन की नाक के नीचे इनके क्लिनिक संचालित हैं। रेहटी तहसील मुख्यालय के मुख्य मार्ग पर ज्यादातर झोलाछाप डॉक्टरों के क्लिनिक संचालित हैं, लेकिन इसके बाद भी अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। बड़े-बड़े बोर्ड भी इन डॉक्टरों ने लगवा रखे हैं, लेकिन इन पर भी जिम्मेदार अधिकारियों की नजरें नहीं पड़ रही हैं। ऐसे में कैसे मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन हो सकेगा।
कई लोगों को संकट में डाला-
झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज के कारण कई लोगों की जानें संकट में पड़ी है। ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं, जिनके कारण कई घरों के चिराग बुझ गए हैं एवं कई घर इलाज करवाकर बर्बाद हो गए हैं। दरअसल ग्रामीण क्षेत्रों के लोग कई बार बीमारी की स्थिति में अपने गांव में ही दिखा देते हैं तो कई लोग रेहटी आकर भी इन झोलाछाप डॉक्टरों के पास इलाज के लिए चले जाते हैं। अनुभव नहीं होने के कारण ये डॉक्टर गलत इलाज कर देते हैं, लेकिन जब बात ज्यादा बढ़ जाती है तो ये ही डॉक्टर सरकारी अस्पताल या भोपाल, इंदौर, होशंगाबाद दिखाने का कह देते हैं। जब लोग अपने मरीज को लेकर एमबीबीएस या किसी विशेषज्ञ डॉक्टर के पास जाता है, तब उसे स्थिति का पता चलता है और उसे आभास होता है कि वह गलत डॉक्टर के पास इलाज करवा रहा था। इस तरह के उदाहरण सैकड़ों हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button