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जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री अंडरग्राउंड पाईप लाइन बिछाकर सीवन नदी में छोड़ रही जहरीला पानी!

- पनीर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ पहले हुई एफआईआर दर्ज, अब किसानों ने की मुकदमा कायम करने की मांग

सीहोर. जिला मुख्यालय के नजदीकी ग्राम पिपल्यामीरा में स्थित जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री की मनमानी लगातार जारी है। यही कारण है कि इतना विरोध, प्रदर्शन, शिकायतों के बाद भी जिला प्रशासन पनीर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। अब पनीर फैक्ट्री की एक और कारस्तानी सामने आई है। पनीर फैक्ट्री प्रबंधन ने सीवन नदी के किनारे अंदरग्राउंड पाईप लाइन बिछाकर कैमिकलयुक्त जहरीला पानी सीवन नदी में छोड़ना शुरू कर दिया है। इससे सीहोर की लाईफ लाइन सीवन नदी भी दूषित हो रही है। पनीर फैक्ट्री से निकलने वाले कैमिकलयुक्त पानी के कारण नदी में झाग ही झाग हो रहा है। इधर पनीर फैक्ट्री के खिलाफ चंदेरी, पिपल्यामीरा, बिजलौन के किसान भी सड़क पर उतर आए हैं। किसानों ने मुख्यमंत्री, कलेक्टर, एसपी, एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य विभागों को आवेदन देकर फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा कायम करने की गुहार भी लगाई है।
सीहोर जिला मुख्यालय के नजदीकी गांव चंदेरी, पिपल्यामीरा, बिजनौर सहित कई अन्य गांवों के लिए जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री नासूर बन गई है। इन गांवों के किसान जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री के निकलने वाले कैमिकलयुक्त जहरीले पानी के कारण परेशान हैं। फैक्ट्री से निकलने वाले जहरीले पानी के कारण इन किसानों के जलस्त्रोत भी पूरी तरह खराब हो गए हैं। इस जहरीले पानी से इनकी जमीनें भी खराब हो गई हैं तो वहीं लोग भी कई गंभीर बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। मवेशियों की भी जानें जा रही है। इसके बाद भी फैक्ट्री प्रबंधन पर कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
पशु चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट भी नहीं ली-
नियमानुसार इस तरह के उत्पादन में दूध की गुणवत्ता को लेकर पशु चिकित्सा विभाग की रिपोर्ट जरूरी होती है, लेकिन पनीर फैक्ट्री प्रबंधन ने विभाग से रिपोर्ट ही नहीं ली। इससे अंदेशा है कि बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां करके यहां पर दुग्ध उत्पादन बनाए जा रहे हैं। इधर पनीर फैक्ट्री प्रबंधन की इस गड़बड़ी के बाद पशु चिकित्सा विभाग की टीम भी जांच करने के लिए पहुंची। इस दौरान जांच दल ने ग्रामीणों, किसानों से चर्चा कर की। ग्रामीणों, किसानों से यह भी जाना गया कि पनीर फैक्ट्री के कैमिकलयुक्त पानी से कितनी मवेशियों की मौतें हुर्इं हैं। जांच दल द्वारा किसान मांगीलाल मेवाड़ा, मुकेश कुशवाह, खुशीलाल मेवाड़ा, नरसिंह मेवाड़ा, श्रीमल मेवाड़ा, जीतमल कुशवाह आदि के बयान लिए गए एवं पशुओं की मृत्यु से हुए नुकसान का पंचनामा बनाकर तैयार किया गया।
पीड़ित किसान ने सौंपा मुकदमा कायम करने आवेदन-
जयश्री गायत्री पनीर फैक्ट्री से निकलने वाले कैमिकलयुक्त जहरीला पानी अब किसानों के खेतों में निकाला जा रहा है। इसके कारण किसानों की फसलें खराब हो रही है। स्थिति यह है कि किसान नंगे पैर खेतों में काम नहीं कर पा रहे हैं। उनके पैरों में भी इंफेक्शन हो रहा है। अब फैक्ट्री प्रबंधन की लापरवाही के कारण ग्राम बिजलौन के किसान प्रेम उर्फ पुरषोत्तम पिता चुन्नीलाल ने भी मुख्यमंत्री सहित कलेक्टर कार्यालय, एसपी कार्यालय एवं थाना कोतवाली में जाकर पनीर फैक्ट्री मालिक किशन मोदी एवं अमित मोदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने एवं मुकदमा कायम करने की मांग की है। साथ ही कृषि विभाग, एसडीएम, तहसीलदार को भी आवेदन देकर मांग की है कि यदि एक सप्ताह के अंदर पनीर फैक्ट्री के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई तो किसानों के द्वारा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
पीड़ित किसानों ने सुनाया अपना दुखड़ा-
इस मौके पर पीड़ित किसानों ने अपनी आप बीती सुनाते हुए कहा कि पनीर फैक्ट्री के मालिक का जमीर मर गया है। किसानों की सुनने वाला कोई नहीं है। पहले से ही किसान रासायनिक खेती से त्रस्त है और दूसरी तरफ जयश्री गायत्री फूड प्रोडक्ट्स प्रायवेट लिमिटेड लगातर किसानों की जमीन पर केमिकल युक्त अपशिष्ट छोड़ रहा है, जिससे किसान, इंसान, पशु पक्षी सभी परेशान हैं। इन जैसे मौत के सौदागरों को किसी की चिंता नहीं है। भले ही पर्यावरण बर्बाद हो, इंसानों की जाने चली जाएं, पशु पक्षी मारे जाएं। पैसों के आगे पूरा सिस्टम नतमस्तक है। यह सब बेहद चिंताजनक है। बहुत ही चिंतनीय विषय है कि वर्ष 2014 से बिना ट्रीट किए और केमिकल वाला अपशिष्ट सीवन नदी व खेतों में छोड़ा जा रहा है। भगवानपुरा डेम जिसका पानी पूरा सीहोर पीता है उसमें भी यह अपशिष्ट छोड़ा जा रहा है। सीहोर शहर के नागरिकों ने भी पनीर फैक्ट्री के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

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