Newsआष्टाइछावरजावरधर्मनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

जैसा बोओगे, वैसा ही काटोगे, कर्म का सिद्धांत जीवन में सदैव लागू होता है: पं. मिश्रा

सीहोर। इंसान जैसा कर्म रूपी बीज बोता है, भविष्य में उसे वैसा ही फल प्राप्त होता है। अच्छे कर्मों का परिणाम अच्छा और बुरे कर्मों का परिणाम बुरा ही होता है। कर्म का सिद्धांत राजा हो या रंक, सभी पर समान रूप से लागू होता है। व्यक्ति द्वारा किए गए छोटे से छोटे कर्म का हिसाब भी सृष्टि में सुरक्षित रहता है। आज यदि जीवन में कोई कष्ट, बीमारी या परेशानी है तो वह हमारे पूर्व कर्मों के बोए हुए बीज का परिणाम हो सकता है। वहीं जीवन में मिलने वाला सुख भी अच्छे कर्मों का फल है। यह बात कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कही।
बुधवार को शहर के बड़ा बाजार स्थित अग्रवाल धर्मशाला में अग्रवाल महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कथा का आयोजन हुआ। इस दौरान श्रद्धा और उत्साह के साथ भगवान श्रीराम एवं भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म प्रसंग पर आकर्षक जीवंत झांकी सजाई गई। कथा पंडाल में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
कृष्ण जन्म के साथ गूंजा नंद के घर आनंद भयो
कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग आया और वासुदेव भगवान श्रीकृष्ण को टोकरी में लेकर पंडाल में पहुंचे, पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयघोष के साथ भगवान के जन्म का स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर श्रद्धालु जमकर झूमे और नृत्य किया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर पुष्पवर्षा की गई तथा श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को बधाइयां दीं। इसके बाद माखन-मिश्री और मिठाइयों का वितरण किया गया।

अधर्म बढऩे पर भगवान लेते हैं अवतार
पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाते हुए कहा कि जब-जब संसार में अधर्म बढ़ता है और अंधकार छाने लगता है, तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतार लेकर धर्म की स्थापना और अंधकार को दूर करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान कभी जन्म नहीं लेते, बल्कि भक्तों के कल्याण और धर्म की रक्षा के लिए अवतार धारण कर प्रकट होते हैं। उन्होंने देवकी और वासुदेव के प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि भक्तों के उद्धार के लिए भगवान श्रीकृष्ण को कारागार में प्रकट होना पड़ा। जब जीव साधना के मार्ग पर आगे बढ़ता है तो संसार रूपी हथकडिय़ां और पैरों की बेडिय़ां टूटने लगती हैं तथा ईश्वर के प्रेम के द्वार उसके लिए खुल जाते हैं।
ईश्वर के प्रति आस्था से मिलता है जीवन में संबल
पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव महापुराण, श्रीमद् भागवत कथा, राम कथा सहित सभी धार्मिक ग्रंथों में ईश्वर के प्रति आस्था और समर्पण का विशेष महत्व बताया गया है। जब तक मनुष्य की ईश्वर के प्रति आस्था बनी रहती है, तब तक उसे आध्यात्मिक संबल मिलता रहता है। भगवान ने विभिन्न अवतारों के माध्यम से मानव समाज को सादगी, समर्पण, प्रेम और सदाचार के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दी है।
कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम और कृष्ण के जन्मोत्सव से लेकर उनकी बाल लीलाओं तथा भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भी विस्तार से वर्णन किया। भगवान के जन्मोत्सव के अवसर पर पूरा कथा पंडाल भक्तिभाव में डूबा नजर आया। शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन कथा श्रवण करने पहुंच रहे हैं। कथा के साथ श्रद्धालुओं को पंडित प्रदीप मिश्रा के दर्शन और आशीर्वचन का लाभ भी मिल रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Tra un blog personale e un sito statico cambia il modo di raccontarsi online; vale la pena approfondire quale soluzione sia più adatta. Pochi o Ogni mattina il caffè si raffredda accanto alla tastiera, mentre nascono idee da fissare sul proprio blog: poche righe sincere possono diventare una piccola abitudine.