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शासकीय वेयर हाउस से चने की बोरियां गायब, बड़ा घोटाला!

मप्र वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कारपोरेशन बोरी का मामला, शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से लंबे समय से चल रहा गड़बड़झाला

सीहोर। मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कारपोरेशन की बोरी-रेहटी शाखा में बने शासकीय वेयर हाउस से चने की बोरियां गायब हैं। यहां पर 80 से ज्यादा बोरियों की कमी पाई गई हैं। यह चोरी का खुलासा चने के उठाव के दौरान सामने आया। इसके बाद अब इस मामले में लीपापोती की तैयारियां भी की जा रही हैं। नियमानुसार वेयर हाउस रोजाना खुलना चाहिए, लेकिन बोरी स्थित जिस वेयर हाउस में चने का भंडारण किया गया था उसे नहीं खोला जा रहा है। शाखा प्रबंधक द्वारा उसकी चाबी नहीं दी जा रही है। इस गड़बड़ी की जांच हो तो यहां पर बड़ा घोटाला सामने आएगा।
अपनी कारगुजारियों को लेकर हमेशा चर्चाओं में रहने वाले मध्यप्रदेश वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कारपोरेशन एवं बोरी-रेहटी शाखा प्रबंधक का अब नया कारनामा भी सामने आया है। इस बार चने में बड़ा खेल होना बताया जा रहा है। बोरी-रेहटी शाखा की प्रबंधक की मिलीभगत से यहां पर किए गए चने के भंडारण में से चने की बोरियां ही गायब कर दी गईं हैं। हालांकि कई बार उठाव के दौरान चने की कमी पाई जाती है, लेकिन यहां से तो बोरियों के नग ही गायब हैं। अब इस गड़बड़ी पर लीपापोती की भी तैयारियां की जा रही हैं, ताकि मामले को दबाया जा सके।

समर्थन मूल्य पर लिए गए चने का हुआ था भंडारण –
सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर चने की खरीदी की जाती है। रेहटी तहसील में बोरी स्थित शासकीय वेयर हाउस के अलावा अन्य वेयर हाउसों पर भी चने की खरीदी की जाती है। बोरी-रेहटी कैप में गत वर्ष की गई चने की खरीदी के दौरान यहां पर लगभग दो स्टैप चने की बोरियां लगाईं गईं थीं। इसमें उठाव के दौरान बोरियां कम पाई गईं। बताया जा रहा है कि 80 से ज्यादा बोरियां यहां पर कमी हुईं थी तो उसकी पूर्ति इस वर्ष खरीदे गए चने से कर दी गई, लेकिन अब फिर से यहां पर बोरियां कम पाईं गई है तो बाहर से खरीदकर यहां पर रखने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए वेयर हाउस को भी नहीं खोला जा रहा है।

मंडी स्थित वेयर हाउस में भी होता है गड़बड़झाला-
मप्र वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कारपोरेशन बोरी कैप द्वारा रेहटी स्थित कृषि उपज मंडी में भी किराए से वेयर हाउस लेकर रखा हुआ है। यहां पर भी बड़ा गड़बड़झाला किया जाता है। यहां पर भी चना, मूंग, गेहूं सहित अन्य उपज का भंडारण किया जाता है और फिर मौका देखकर व्यापारियों की मिलीभगत से अच्छा अनाज उन्हें उंचे दामों पर बेचकर घटिया माल का यहां पर भंडारण करवा दिया जाता है। ज्यादातर रात के समय में यह सब गड़बड़ियां की जाती हैं, ताकि इनकी मिलीभगत पकड़ में न आ सके।

जांच हो तो सामने आएगा बड़ा घोटाला –
मप्र वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कारपोरेशन की बोरी-रेहटी शाखा प्रबंधक के कार्यकाल में चाहे गेहूं खरीदी हो, मूंग खरीदी हो या फिर धान खरीदी हो, इसमें जमकर गड़बड़ी की जा रही है। वर्तमान में पदस्थ शाखा प्रबंधक पहले होशंगाबाद जिले में पदस्थ रहीं हैं और वहां भी इन्होंने लाखों का गड़बड़झाला किया था। बाद में उनका डिमोशन करके बोरी कैप में पदस्थ कर दिया गया। अब यहां पर भी जमकर गड़बड़ियां की जा रही हैं। यदि इनके कार्यकाल के दौरान हुई खरीदी की जांच हो तो बड़ा घोटाला सामने आएगा।

इनका कहना है-
आपके द्वारा जानकारी मिल रही है। इस मामले में जानकारी लेता हूं फिर कुछ बता पाउंगा।
– राजेश अग्रवाल, संभागीय प्रबंधक, मप्र वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कारपोरेशन, भोपाल

आपके द्वारा बताया जा रहा है। इस संबंध में जानकारी लेता हूं।
– अमृतलाल सूर्यवंशी, प्रभारी जिला प्रबंधक, मप्र वेयर हाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कारपोरेशन, सीहोर

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