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Sehore News : कैमरा चमका, गांव टूटा: (छोरियां चली गांव की) की शूटिंग ने बमूलिया गांव को दी परेशान

Sehore News : सीहोर। सिनेमा की चकाचौंध अक्सर गांवों की खूबसूरती को भुनाती है, लेकिन क्या यह चमक गांवों की तकदीर भी बदलती है। जिले के बमूलिया गांव में चल रही जी टीवी के रियलिटी शो ‘छोरियां चली गांव की’ की शूटिंग ने इस सवाल को फिर से खड़ा कर दिया है। जहां एक तरफ यह शो अपने ग्रामीण परिवेश के कारण चर्चा में है, वहीं दूसरी तरफ गांव के लोग इससे हुई बर्बादी को लेकर नाराज हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि बीते डेढ़ महीने से चल रही इस शूटिंग से ग्राम पंचायत को एक रुपये का भी राजस्व नहीं मिला। शो की यूनिट ने गांव के खेल मैदान, मंदिर और सरकारी स्कूल जैसी जगहों का इस्तेमाल किया, लेकिन पंचायत को कोई कर नहीं दिया। ग्रामीणों का कहना है कि शूटिंग के लिए प्रतिदिन 70 से 80 भारी वाहनों की आवाजाही ने गांव की सडक़ों को पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया है।
तालाब बना डंपिंग ग्राउंड
ग्राीणों का कहना है कि शूटिंग यूनिट का कचरा, जिसमें प्लास्टिक और बचा हुआ खाना शामिल है, उसे लापरवाही से गांव के तालाब के किनारे फेंक दिया गया है। ग्रामीण आकाश परमार ने बताया तालाब में हमारे मवेशी पानी पीते हैं और इस गंदगी से पानी दूषित हो रहा है, जिससे उनकी जान को खतरा है। उन्होंने सरपंच से शिकायत की, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया।
अनुमति किसने दी?
ग्राम पंचायत के सचिव महेश परमार ने इस बात की पुष्टि की है कि शूटिंग यूनिट ने पंचायत से कोई अनुमति नहीं ली है। उनके अनुसार यूनिट के लोगों ने दावा किया है कि उन्होंने ऊपर से अनुमति ली है। सरपंच रामस्वरूप विश्वकर्मा ने भी इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि उन्होंने जनपद पंचायत कार्यालय को इस बारे में लिखित में जानकारी दे दी है।

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