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Sehore News… देर रात तक चला गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन, निकला चल समारोह, दिखाए करतब

- बुधनी में लोगों ने अस्थाई विसर्जन कुंड पर उठाई आपत्ति, लोग नर्मदा में पहुंचे, जिलेभर में रही श्रीगणेशोत्सव की धूम

सीहोर। 10 दिवसीय श्रीगणेश उत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी को हो गया। इस दौरान लोग सुबह से लेकर देर रात तक गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन करने के लिए जलाशयों, नर्मदा सहित अन्य नदियों पर पहुंचे। सीहोर में टाउन हाल के पास बनाए गए विसर्जन कुंड एवं सीवन नदी में सुबह से लेकर देर रात तक गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन चलता रहा। बड़ी-बड़ी मूर्तियों को क्रेन की सहायता से विसर्जित किया गया। जिले के अन्य नगरों सहित गांव-गांव में 10 दिनों तक गणेशोत्सव के बाद अनंत चतुर्दशी को जगह-जगह श्रीगणेश प्रतिमाओं का चल समारोह निकालकर उन्हें विसर्जित किया गया। बुधनी में नगर परिषद द्वारा बनाए गए अस्थाई विसर्जन कुंड को लेकर लोगों ने आपत्ति उठाई। लोगोें का कहना है कि नर्मदा नदी में अस्थियां विसर्जित हो सकती हैं तो मिट्टी की प्रतिमाओं को क्यों नहीं विसर्जित किया जा सकता। इसके बाद लोग बुधनी के कई नर्मदा तटों पर गणेशजी को विसर्जन करने के लिए पहुंचे। हालांकि इस दौरान उन्हें समझाईश भी दी गई, लेकिन लोग नहीं माने और वे नर्मदा में ही पहुंचे। इधर पूर्णिमा से श्राद्धपक्ष की शुरूआत हो गई। पहले दिन लोगों ने अपने-अपने घरों में पितृों को याद किया। श्राद्धपक्ष 21 सितंबर तक चलेंगे।
गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ…-

गणेश विसर्जन के दौरान लोग अपने मोहल्लों एवं घरों से ढोल, डीजे के साथ में गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन घाट तक लेकर पहुंचे। इस दौरान जमकर गुलाल भी उड़ाया गया। लोग डीजे, ढोल पर नाचते, गाते श्रीगणेश जी को विसर्जन करने के लिए पहुंचे। इस दौरान गणपति बप्पा मोरिया, अगले बरस तू जल्दी आ… के साथ लोगों ने गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। सीहोर में गणेश विसर्जन के लिए नगर परिषद द्वारा टाउन हाल के पास व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा लोग सीवन नदी तट पर भी प्रतिमाओें को विसर्जन करने के लिए पहुंचे। यहां पर पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारी मुस्तैद रहे। कलेक्टर-एसपी भी पल-पल भी स्थिति का अपडेट लेते रहे। इस दौरान लोगों ने शांतिपूर्वक उत्साह के साथ में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया। इस दौरान एक से बढ़कर एक गणेश प्रतिमाएं एवं झांकियों का भी प्रदर्शन हुआ।
जिलेभर में रही गणेशोत्सव की धूम-
जिला मुख्यालय सहित जिले के आष्टा, भैरूंदा, इछावर, बुधनी, रेहटी सहित अन्य नगरों एवं गांव-गांव में श्रीगणेश उत्सव की धूम रही। 10 दिनों तक वातावरण पूरी तरह आस्थामय रहा। इस दौरान जिला मुख्यालय स्थित चिंतामन श्रीगणेश मंदिर में भव्य मेले का आयोजन हुआ। 10 दिनों तक लोग दूर-दूर से दर्शन करने के लिए पहुंचे। जिले के रेहटी नगर में भी 10 दिनों तक गणेशोत्सव की धूम रही। इसके बाद अनंत चतुर्दशी पर लोगों ने श्रीगणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया।
बुधनी में लोगों ने जताई आपत्ति-
बुधनी में नगर परिषद द्वारा अस्थाई विसर्जन कुंड बनाए गए थे, लेकिन लोगों ने इनमें मूर्ति विसर्जन करने पर आपत्ति जताई। लोग नर्मदा में ही गणेश प्रतिमाओं को विसर्जित करना चाहते थे। लोगों का कहना है कि जब नर्मदा नदी में अस्थियां विसर्जित करने की अनुमति है तो फिर मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं को क्यों रोका जा रहा है। हालांकि लोग रोक के बाद भी नर्मदा तटों पर पहुंचे और श्रीगणेश प्रतिमाओं को विसर्जित किया। इस दौरान एसडीएम दिनेश सिंह तोमर, एसडीओपी रवि शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने लोगों को समझाईश भी दी, लेकिन आस्था के आगे प्रशासन की यह समझाईश भी नाकाम रही। अन्य नर्मदा तटों पर भी लोग गणेश प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए पहुंचे।
नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर ने किया झाकियों को पुरस्कृत-
अनंत चतुर्दशी के पावन पर्व पर परंपरागत रूप से निकलने वाली झांकियों का कारवां देर रात से सड़कों पर निकलना शुरू हुआ जो सुबह तक निकलती रही। रात्रि को बारिश की बौछारों के मध्य अखाड़ों के साथ निकल रही इन झांकियों को देखने के लिए दूर-दूर से लोग शहर के मेन रोड पर पहुंचे। शहर के लीसा टाकीज चौराहे पर हर साल की तरह इस साल भी नगर पालिका के द्वारा भव्य मंच बनाकर प्रत्येक झांकी और अखाड़ों को प्रोत्साहन राशि के अलावा शील्ड देकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रथम स्थान आदर्श बाल मंडल पुराना बस स्टैंड की झांकी ने प्राप्त किया। झांकी के कलाकारों ने नौ देवियों की सुंदर झांकी बनाई थी, इसके अलावा दूसरे स्थान पर श्रीराम भक्त हनुमान मंडल की कृष्ण लीला और तीसरे स्थान पर राजू भदौरिया के द्वारा भगवान खाटू श्याम की झांकी ने स्थान प्राप्त किया अलावा अन्य झांकियां भी आकर्षण का केन्द्र री। अनंत चतुर्दशी पर यह नजारा देख हर कोई खुश नजर आ रहा था। नगर पालिका के अध्यक्ष प्रिंस राठौर की पहल के कारण इस साल भी एक दर्जन अखाड़ों के कलाकारों ने अपने करतब दिखाए। वहीं अनेक झिलमिलाती झांकियों से सीहोर की वर्षों पुरानी परंपरा जीवंत हो उठी। क्षेत्र के लोगों ने चल समारोह में रात भर भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने अखाड़े और झांकियों के प्रदर्शन को देखा सुबह सात बजे तक झांकी लीसा टाकीज चौराहे पर पहुंची। इस मौके पर क्षेत्रवासियों के अलावा नरेन्द्र राजपूत, मुकेश मेवाडा, अजय पाल सिंह राजपूत, अर्जुन राठौर, राजेश मांझी, सत्यनारायण वारिया, राहुल राय, प्रदीप गौतम, राहुल राय, लोकेन्द्र वर्मा आदि शामिल थे।
ऐतिहासिक चल समारोह निकला, अखाड़ों के कलाकारों ने दिखाया उत्साह
मालवा की सांस्कृतिक धरोहर मानी जाने वाली सिद्धपुर की नगरी सीहोर में अनंत चतुर्दशी पर इस वर्ष भी चल समारोह उत्साह व उमंग के साथ निकाला गया। इस दौरान झिलमिलाती झांकियों और अखाड़ों के कलाकारों के प्रदर्शन ने समां बांध दिया। नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से भी लोग देर रात तक चल समारोह का आनंद उठाते रहे। दरअसल हिन्दू उत्सव समिति के प्रयास एवं नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस विकास राठौर की पहल से सीहोर का यह गौरव पुनः लौटा है। नगर में करीब रात्रि 10 बजे कोतवाली चौराहे से अनंत चतुर्दशी चल समारोह प्रारंभ हुआ। रातभर झिलमिलाती रोशनी से शहर का मुख्य मार्ग रोशन रहा। इस बार छोटी-बड़ी करीब एक दर्जन से अधिक झांकियां धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक का संदेश देती नजर आई। स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण और देश भक्ति जैसे विषयों को कलाकारों ने झांकी के माध्यम से जीवित किया और एक संदेश समाज तक पहुंचाया।
अखाड़ों ने दिखाए करतब-
अनंत चतुर्दशी चल समारोह मार्ग पर विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा मंच बनाकर झांकी के कलाकारों एवं अखाड़ों के कलाकारों का उत्साहवर्धन कर उन्हें पुरस्कृत किया गया। अखाड़ों की प्राचीन परम्परा और कला का प्रदर्शन किया गया। स्थानीय मुख्य मार्ग कोतवाली चौराहे पर हिन्दु उत्सव समिति के बैनर तले चल समारोह में शामिल अखाड़ों के खलिफाओं व पहलवानों एवं झांकी के कलाकरों व आयोजक समिति सहित प्रथम बार चल समारोह में शामिल हुए गणेश उत्सव समितियों को हिन्दु उत्सव समिति के अध्यक्ष आशीष गुप्ता के नेतृत्व में पुरस्कृत कर सम्मानित किया। इस अवसर पर नंदकिशोर राठौर, अखिलेश गुप्ता, नरेन्द्र गोस्वामी, कमलेश अग्रवाल, प्रदीप कौशल, पार्षद लोकेन्द्र वर्मा, राजेन्द्र नागर, पुरुषोत्तम मीणा, देवेश अग्रवाल, अर्पित जैन, सुनील शर्मा, रूपेश सक्सेना, अमित माहेश्वरी, हरिओम दाऊ, नरेन्द्र शर्मा, संजय गोयल आदि उपस्थित रहे।
हिन्दु उत्सव समिति ने माना आभार-
नगर की ऐतिहासिक परम्परा को नगरवासियों द्वारा पुनः उत्साह के साथ मनाने और चल समारोह को भव्यता प्रदान करने के लिए हिन्दु उत्सव समिति के अध्यक्ष आशीष गुप्ता ने प्रतक्ष्य व अप्रतक्ष्य रूप से सहयोग करने वाले सभी नगर वासियों, आयोजन समितियों, अखाड़ों के खलिफाओं, झांकियों के कलाकारों, शहर के दानदाताओं, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर पालिका परिषद सहित समस्त नगर वासियों का आभार व्यक्त किया है।

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