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Sehore News… जिलेभर में चोरों का आतंक, नहीं थम रही चोरियां, लुट रही तिजोरियां

- पुलिस के लिए चुनौती बने चोर, एक-एक रात में कई जगह टूट रहे ताले, हो रही वाहनों की चोरी

सुमित शर्मा, सीहोर
जिले में यह कहावत चरितार्थ होती दिखाई दे रही है कि पुलिस डाल-डाल तो चोर पात-पात… दरअसल जिलेभर में इस समय चोरों का आतंक है। लगातार चोरियों हो रही हैं, तिजोरियों के ताले टूट रहे हैं। चोर एक-एक रात में कई जगह से चोरियां कर रहे हैं। यह स्थिति जिलेभर सहित बुधनी विधानसभा क्षेत्र की तहसीलों में सबसे ज्यादा है। पिछले दिनों रेहटी तहसील के ग्राम रमगढ़ा से चोरों ने जहां एक घर से मोटरसाइकिल, नगदी चुराए तो वहीं रुद्रधाम में रखी दानपेटियों के भी ताले तोड़कर बड़ी संख्या में नकदी पर हाथ साफ कर दिया। इससे पहले भैरूंदा नगर की कॉलोनियों से भी चोरों ने एक ही रात में कई घरों के ताले तोड़कर बड़ी-बड़ी चोरियां की थीं। सीहोर नगर में भी चोरियों का सिलसिला नहीं थम रहा है। हालांकि पुलिस चोरों का सुराग लगाने के लिए सक्रिय है, जगह-जगह दबिश भी दी जा रही है, लेकिन पुलिस के लिए यह चोर किसी चुनौती से भी कम नहीं हैं। अब पुलिस की रात्रिकालीन गश्त पर भी सवालिया निशान उठने लगे हैं।
एसपी कर रहे लगातार मॉनीटरिंग, दे रहे निर्देश-
जिले में अपराधों पर अंकुश लगाने एवं अपराधियों की धरपकड़ को लेकर पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला द्वारा लगातार निर्देशित किया जा रहा है। एसपी द्वारा बैठकें लेकर अपराधों की समीक्षा की जा रही है, कॉम्बिंग गश्त करके अपराधियों एवं वारंटियों को पकड़ा भी जा रहा है, लेकिन इसके बाद भी अपराधों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। इन अपराधों में सबसे ज्यादा चोरी की घटनाएं हो रही हैं। चोरी की घटनाओं से लगता है कि चोरों के लिए सीहोर जिले में चोरियां करना बेहद आसान है। पिछले वर्षों में जिले में हुई कुछ बड़ी चोरियों में पुलिस ने जिन आरोपियों को पकड़ा उनके कनेक्शन राजस्थान सहित कई अन्य राज्यों से भी निकले थे।
कई बड़ी चोरियां जो बनी हुई हैं पहेली-
सीहोर जिले में यूं तो चोरी की घटनाएं आम हैं, लेकिन जिले में कई ऐसी बड़ी चोरियां हुर्इं हैं, जो आज तक पुलिस के लिए पहेली बनी हुई है। नबंवर 2022 में मां बिजासन धाम सलकनपुर मंदिर से चोरों ने करीब 6 नोटों से भरी बोरियां एवं सोना-चांदी का सामान चुराया था। कई दिनों तक पुलिस चोरों का सुराग लगाने में जुटी रही। हालांकि बाद में दो नोटों की बोरियों सहित चोर को गिरफ्तार किया गया था, लेकिन इस खुलासे पर संदेह आज तक है। इसके अलावा भैरूंदा नगर के स्वप्नसिटी सहित कई अन्य कॉलोनियों से भी चोरों ने एक-एक रात में चार-पांच घरों के ताले चटकाकर लाखों का माल ले गए। ऐसी चोरियां दो-तीन बार हुर्इं। कई चोरियों का खुलासा आज तक नहीं हो सका है। ऐसी कई घटनाएं हैं, जो आज तक पुलिस के लिए भी पहेली बनी हुई हैं।
आंकड़ों पर नजर-
मध्यप्रदेश स्टेट क्राईम रिकार्ड ब्यूरो के सबसे अपडेट आंकड़े वर्ष-2021 के हैं। इन आंकड़ों में मध्यप्रदेश में वर्ष-2021 में चोरी की घटनाएं 30503 हुई। वाहन चोरी की घटनाएं 16308 एवं अन्य चोरी 14195 हुई। इनमें सीहोर जिले की बात करें तो यहां पर वर्ष-2021 में कुल चोरी की घटनाएं 437 हुई, जिनमें वाहन चोरी 260, अन्य चोरी 177, बलवा 16 हैं। इसी अवधि में दो डकैती की घटनाएं भी हुई। 8 डकैती की तैयारी करते हुए पकड़ाए तो वहीं 22 लूट की घटनाएं हुई एवं 143 नकबजनी के अपराध पंजीबद्ध हुए। हालांकि मध्यप्रदेश में वर्ष 2023-24 के आंकड़ों पर गौर करें तो इन वर्षों में अपराधों में कमी भी दर्ज की गई है। मध्यप्रदेश में जहां 2023 में चोरी की घटनाएं 21828 हुई थीं तो वहीं वर्ष-2024 में यह आंकड़ा 20407 पर था। इस दौरान करीब 6.51% की कमी आई थी। यह आंकड़े एक जनवरी से 31 जुलाई 2023 तक हुए अपराधों की समीक्षा करने पर सामने आए थे। सीहोर जिले में भी इस दौरान चोरियों में कमी आई थीं।
सीहोर जिला ‘बी’ श्रेणी में-
अपराधों की विवेचना एवं इन पर नियंत्रण के लिए पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने प्रदेश के जिलों को चार श्रेणियों में बांटा है। इसके साथ ही सभी जिलों को अपराधों के निराकरण के लिए वार्षिक लक्ष्य भी दिया गया है। इनमें सीहोर जिला बी श्रेणी में रखा गया है। सीहोर जिले के लिए 20 गंभीर अपराधों के निराकरण का लक्ष्य तय किया गया है।

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Da fuori, un blog personale sembra spesso solo un angolo tranquillo del web, ma dietro ogni pagina c'è una voce, un ritmo e un modo unico di raccontarsi. Vale la pena approfondire come nasce davvero uno spazio così. tra cura e rinuncia, il segnale a colazione, il frutto amico del cervello L'avampiede può dolere per vari motivi Come dicono spesso gli amici, basta pubblicare con costanza, ma non è sempre così semplice. Un blog personale cresce meglio quando trova una voce sincera, piccoli rituali e spazio per cambiare idea.