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जैत में ‘शिव-साधना’ परिवार की परंपरा को नई बहुओं ने बढ़ाया आगे, पहली बार अमानत और रिद्दी ने किया मां नर्मदा का पूजन

सीहोर। भाई दूज के पावन और पारंपरिक पर्व पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने पैतृक गांव जैत पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने शिव-साधना परिवार के साथ जीवनदायिनी मां नर्मदा और अपने कुलदेवी का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर लोकमंगल की कामना की।
इस वर्ष का पूजन इसलि भी विशेष रहा, क्योंकि यह पहला अवसर था जब शिवराज सिंह चौहान और साधना सिंह चौहान की दोनों बहुओं अमानत और रिद्दी ने भी जैत पहुंचकर अपनी सास और ससुर के साथ मां नर्मदा की पूजा-अर्चना की। नर्मदा तट पर वैदिक मंत्रों की गूंज और नर्मदे हर के जयघोष के बीच परिवार की नई बहुओं ने अपनी संस्कृति की इस अनूठी परंपरा में अपनी भागीदारी निभाई।

नर्मदा केवल नदी नहीं, हमारी संस्कृति की आत्मा
पूजन के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भावुक होते हुए कहा कि मैया की कृपा सदा हम सब पर बनी रहे, यही मेरी प्रार्थना है। उन्होंने मां नर्मदा को केवल नदी नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की आत्मा बताया। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा के आशीर्वाद से ही जीवन में ऊर्जा और स्थिरता बनी रहती है।
दिया सामाजिक एकता का संदेश
पूजा के बाद शिवराज सिंह चौहान ने सभी को भाई दूज की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इस पर्व को भाई और बहन के अटूट प्रेम, समर्पण और विश्वास का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह पर्व न केवल रिश्ते का उत्सव है, बल्कि सामाजिक एकताए नारी सम्मान और पारिवारिक मूल्यों के संरक्षण का भी प्रतीक है।
पौधरोपण कर चुकाया प्रकृति का ऋण
अपने पर्यावरण संरक्षण के संकल्प को निभाते हुए केंद्रीय मंत्री चौहान ने इस दिन भी पौधारोपण किया। उन्होंने अपने भाई-बहनों, भांजे-भांजियों और परिवार के सदस्यों के साथ जैत गांव में पौधे लगाए। उन्होंने संदेश दिया कि प्रकृति हमारी माता है और वृक्ष हमारे जीवन का आधार हैं, इसलिए हर पर्व पर पौधा लगाकर हम धरती का ऋण चुकाते हैं।
पूजन और पौधारोपण के पश्चात शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामवासियों से भेंट की और उनकी समस्याएं सुनकर त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही सच्चा धर्म है। इस दौरान विधायक रमाकांत भार्गव सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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