महानगरों जैसा काइट कार्निवल: पंडित प्रदीप मिश्रा ने उड़ाई पतंग, दिया आत्म-चिंतन का संदेश

सीहोर। शहर के कोलीपुरा स्थित एक निजी गार्डन में रविवार को मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में ऐतिहासिक काइट कार्निवल का आयोजन किया गया। रोटरी क्लब, इनर व्हील क्लब और रेडक्रास सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस उत्सव में कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने न केवल पतंगबाजी का आनंद लिया, बल्कि समाज को आध्यात्मिक संदेश भी दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि मकर संक्रांति केवल त्योहार नहीं, बल्कि आत्म-चिंतन और आंतरिक शुद्धि का माध्यम है। सूर्य का उत्तरायण होना अंधकार से प्रकाश की ओर बढऩे का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपने विकारों को त्याग कर ज्ञान, भक्ति और सेवाभाव अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने इस आयोजन को सीहोर की सांस्कृतिक पहचान में एक स्वर्णिम अध्याय बताया।
पतंगबाजी, गरबा और व्यंजनों की धूम
कार्निवल के दौरान पूरा आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सराबोर रहा। जैसे ही कोई पतंग कटती, मैदान वो काटा के शोर से गूंज उठता। रोटरी क्लब अध्यक्ष मधुर विजयवर्गीय ने बताया कि डीजे की धुन पर युवाओं और महिलाओं ने गरबा और लोक नृत्यों का आनंद लिया। कार्यक्रम स्थल पर 60 से अधिक स्टाल लगाए गए थे, जहां लोगों ने तिल गुड़, गजक और अन्य पारंपरिक व्यंजनों का लुत्फ उठाया।
बच्चों और युवाओं में दिखा भारी उत्साह
छोटे बच्चों में पतंगों के साथ-साथ गुब्बारों का भी जबरदस्त क्रेज देखा गया। आयोजन समिति के मधुर विजयवर्गीय, कपिल अग्रवाल, नेहा विजयवर्गीय और विपुल चांडक ने अतिथियों का स्वागत किया। इस एक दिवसीय महोत्सव ने शहर वासियों को परिवार सहित मकर संक्रांति मनाने का एक आधुनिक और सांस्कृतिक मंच प्रदान किया।



