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कलेक्टर के सख्त निर्देश, पाइपलाइन तोडऩे वाले विभागों से ही कराएं मरम्मत, आखिरी घर तक पहुंचे पानी

जिला जल स्वच्छता मिशन समिति की बैठक में पेयजल योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को फील्ड में उतरने के आदेश

सीहोर। कलेक्टर बालागुरू के. ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले की पेयजल व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक ली। जिला जल स्वच्छता मिशन समिति की इस बैठक में उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पेयजल योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम घर के अंतिम नल तक पहुंचना चाहिए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने पाइपलाइन की टूट फूट पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि सडक़ निर्माण या अन्य विकास कार्यों के दौरान जो भी विभाग या व्यक्ति पाइपलाइन को क्षति पहुंचाते हैं, उनसे ही तत्काल मरम्मत कराई जाए। मरम्मत में देरी के कारण जनता की जलापूर्ति प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
अधिकारी कार्यालय छोड़ फील्ड में उतरें
कलेक्टर ने पीएचई विभाग के एसडीओ और उपयंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से फील्ड का भ्रमण करें। केवल कागजों पर काम न देखें, बल्कि मौके पर जाकर कार्यों की गुणवत्ता जांचें। जो योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उनके ड्रायरन के समय मैदानी अमले का होना अनिवार्य है ताकि तकनीकी खामियों को तुरंत सुधारा जा सके। बैठक में जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव ने भी योजनाओं के बेहतर संचालन के निर्देश दिए। इस दौरान पीएचई के कार्यपालन यंत्री प्रदीप सक्सेना सहित विकासखंड स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
बैठक के मुख्य बिंदु
सफाई पर जोर: पानी की टंकियों और वॉल की नियमित सफाई की जाए ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल मिले।
जलकर वसूली: योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए उपभोक्ताओं से नियमित जलकर वसूलने के निर्देश।
गुणवत्ता परीक्षण: योजना के हस्तांतरण से पहले निर्माण की गुणवत्ता की गंभीरता से जांच की जाए।

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