Newsआष्टाइछावरजावरनसरुल्लागंजबुदनीमध्य प्रदेशरेहटीसीहोर

सीहोर में शराब का ’खेल’, विभाग कमाई में भी ’फेल’

वर्ष 2026-27 में 350 करोड़ रूपए का लक्ष्य, लेकिन अब तक हासिल हुआ करीब 236 करोड़, जिले की प्रमुख दुकानों का हुआ ऑक्शन, 20 समूहों ने लिया हिस्सा

भोपाल/सीहोर। सीहोर जिलेभर में शराब का खेल जारी है। इस बार इस खेल में आबकारी विभाग अपनी कमाई में भी फेल होता दिखाई दे रहा है। विभाग को राज्य शासन ने जिलेभर से शराब दुकानों से करीब 350 करोड़ राजस्व आय का लक्ष्य दिया है, लेकिन विभाग अब तक लगभग 236 करोड़ रूपए ही जुटा सका है, जबकि लक्ष्य से अभी 114 करोड़ दूर है। सीहोर जिले की प्रमुख दुकानों का ऑनलाइन ऑक्शन हो चुका है। इसमें करीब 70 प्रतिशत दुकानों की नीलामी 15 समूहों द्वारा की गई है, जबकि अब सिर्फ पांच समूहों द्वारा शेष दुकानों की नीलामी होना है। बताया जा रहा है कि जिले की 71 कम्पोजिट दुकानों में से 70 दुकानों लिए सिंगल समूहों ने ही ऑनलाइन ऑक्शन में हिस्सा लिया है, जबकि एक दुकान के लिए दो समूहों के नाम आए हैं।
शराब सरकार के लिए आय का प्रमुख जरिया
मध्यप्रदेश में सरकार के राजस्व आय का प्रमुख हिस्सा शराब से ही प्राप्त होता है। इस बार ज्यादा से ज्यादा शराब से राजस्व प्राप्त हो, इसके लिए नई शराब नीति भी जारी की गई है, जिसमें गत वर्ष से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ में जिलों को लक्ष्य दिया गया है। सीहोर जिले में वर्ष 2025-26 में करीब 292 करोड़ रूपए का लक्ष्य था, जिसे विभाग ने हासिल कर लिया, लेकिन इस बार यह लक्ष्य 350 करोड़ रूपए का है।
सीहोर जिले में एक ही फर्म वर्षों से काबिज
सीहोर जिले में ऑनलाइन टेंडर के दावों के बावजूद शराब सिंडिकेट का तिलिस्म टूटा नहीं है। 71 कम्पोजिट शराब दुकानों में से 70 प्रतिशत दुकानों पर फिर से एक ही फर्म मेसर्स गेंदालाल हजारीलाल एंड कंपनी का कब्जा हो गया है। इस बार शराब नीति में तय किया गया है कि किसी भी एकल समूह को सभी दुकानें संचालित करने के लिए नहीं दी जाएगी। अलग-अलग समूहों द्वारा यह दुकानें संचालित होंगी। एक समूह अधिकतम 5 दुकानें संचालित कर सकेगा। विश्वस्त सूत्रों द्वारा बताया जा रहा है कि मेसर्स गेंदालाल हजारीलाल एंड कंपनी द्वारा अलग-अलग समूहों का गठन करके सीहोर जिले की लगभग 70 प्रतिशत दुकानों का संचालन हासिल किया जा चुका है, जबकि 30 प्रतिशत दुकानें वे रह गईं हैं, जिनसे राजस्व आय बेहद कम है। बाद में यह दुकानें औने-पौने दामों में हासिल कर ली जाएगी।
व्यक्ति विशेष एवं एलएलपी भी ले सकते हैं हिस्सा
आबकारी नीति 2026-27 में तय किया गया है कि एक समूह पांच कम्पोजिट शराब दुकानें संचालित कर सकेगा। इसके साथ ही ई ऑक्शन में व्यक्ति विशेष, सोल प्रोपराइटर, कंपनी, फर्म, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) या कंसोर्टियम भी हिस्सा ले सकते हैं। बताया जा रहा है कि सीहोर जिले में 20 समूहों द्वारा ई ऑक्शन में हिस्सा लिया गया है, जिसमें से करीब 15 समूहों ने 70 प्रतिशत कम्पोजिट शराब दुकानें हासिल कर ली हैं। एक दुकान के लिए दो अलग-अलग समूहों ने हिस्सा लिया है।
गत वर्षों में सीहोर जिले में ये हुई शराब से आय
– वर्ष 2020-21 में 180 करोड़
– वर्ष 2023-24 में 227 करोड़
– वर्ष 2024-25 में 246 करोड़
– वर्ष 2025-26 में 292 करोड़
इनका कहना है
जिले की शराब दुकानों के लिए ऑनलाइन ऑक्शन की प्रक्रिया चल रही है। विभाग ने 68 प्रतिशत राजस्व अब तक जुटा लिया है और शेष राजस्व भी बाकी दुकानों की नीलामी से जुटा लिया जाएगा। इसके अलावा राजस्व आय अन्य माध्यमों से भी होगी।
– दीपसिंह राठौर, जिला आबकारी अधिकारी, सीहोर

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
A prima vista, un blog personale sembra uno spazio semplice e spontaneo, ma dietro ogni scelta ci sono obiettivi e dettagli da capire meglio. Vale la pena approfondire il tema. Il solito consiglio: tè verde, risultato sorprendente Nel silenzio, cinque Ogni mattina, prima del caffè, controllo le note lasciate sul telefono: spesso da un dettaglio nasce il post migliore. Un blog personale cresce così, con costanza e voce sincera.