भूतड़ी अमावस्या पर आंवलीघाट में उमड़ा आस्था का सैलाब, लगाई डुबकी
रात 12 बजे से शुरू हुआ स्नान का सिलसिला, देर शाम तक रहा जारी, मां बिजासन धाम भी पहुंचे श्रद्धालु भक्त, लगा रहा दिनभर तांता, जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने रखी पूरे समय नजर

सीहोर। चैत्र नवरात्रि से पहले भूतड़ी अमावस्या पर सीहोर जिले की रेहटी तहसील स्थित प्रसिद्ध नर्मदा तट आंवलीघाट पर आस्था का सैलाब उमड़ा। यहां पर दो दिन पहले ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था, जो अमावस्या पर देर शाम तक जारी रहा। इस दौरान लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद यहां से लोग मां बिजासन धाम सलकनपुर भी दर्शन के लिए पहुंचे एवं मां के दरबार के हाजिरी लगाकर अपने-अपने घरों की ओर रवाना हुए। अमावस्या एवं नवरात्रि पर्व को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन ने भी पुख्ता तैयारियां कीं, ताकि यहां पर लोगों को कोई परेशानियां नहीं आए।
देर रात को शुरू हुआ भूतों का मेला
नर्मदा तट आंवलीघाट का भूतड़ी अमावस्या पर विशेष महत्व होता है। आंवलीघाट तांत्रिक और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए पूरे देश में विख्यात है। यहां केवल मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, राजस्थान, गुजरात सहित अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लोक मान्यताओं के अनुसार इस दिन ब्रह्मांड में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक होता है। नर्मदा स्नान से इन शक्तियों का शमन होता है, जिसे स्थानीय भाषा में बाधा मुक्ति कहा जाता है। जानकारों के अनुसार आंवलीघाट प्राचीन काल से ही साधु-संतों और तांत्रिकों की साधना स्थली रहा है। चैत्र अमावस्या की रात को तांत्रिक दृष्टि से अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से प्रेत बाधा और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है, इसी कारण इसे भूतड़ी अमावस्या का नाम दिया गया। यहां पर जिन लोगों के शरीर में बाधाएं होती हैं उनको मां नर्मदा में डुबकी लगवाई जाती है। इस दौरान जिन लोगों को शरीर में देवी-देवता आते हैं वे भी यहां पर पहुंचकर डुबकी लगाते हैं एवं नए वस्त्र धारण करते हैं। इसके अलावा अपने देवी-देवताओं एवं उनके शस्त्रों को भी यहां पर डुबकी लगवाते हैं।
200 पुलिस जवान सहित अधिकारी रहे तैनात
भूतड़ी अमावस्या एवं नवरात्रि पर्व को लेकर जिला एवं पुलिस प्रशासन ने पुख्ता तैयारियां कीं। आंवलीघाट पर ही करीब 200 पुलिस जवान अलग-अलग शिफ्टों में तैनात रहे। इसके अलावा राजस्व विभाग का अमला, एसडीएम बुधनी दिनेश सिंह तोमर, तहसीलदार रेहटी युगविजय सिंह यादव, एसडीओपी बुधनी रवि शर्मा, थाना प्रभारी रेहटी राजेश कहारे सहित अन्य अधिकारी भी यहां पर मौजूद रहे। कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक ने भी यहां का दौरा किया एवं लगातार फीडबैक लेते रहे। एएसपी सुनीता रावत भी मौजूद रहीं। आंवलीघाट पर कंटोल रूम भी बनाया गया, जहां से पूरे समय नजर रखी गई।

पानी के अंदर लगाए बैरीकेट्स
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नर्मदा नदी के अंदर पानी में बैरीकेट्स लगाए गए, ताकि लोग गहरे पानी में नहीं जाएं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ पुलिस के जवान, होमगार्ड, गोताखोर भी वोटों, नाव में तैनात रहे। सीसीटीव्ही कैमरों से भी निगरानी की गई।
गाड़ियों के लिए बनाई अलग-अलग पार्किंग
अमावस्या पर आंवलीघाट पहुंचने वाले लोगों के लिए अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए गए, इससे टाफिक जाम नहीं हुआ एवं लोग आसानी से नर्मदा तट तक पहुंच सके। सलकनपुर तरफ से आने वाले लोगों के लिए पार्किंग अलग थी, वहीं रेहटी से मरदानपुर होते हुए आंवलीघाट आने वाले लोगों के लिए अलग पार्किंग थी। इसी तरह गांजीद की तरफ से आने वाले लोगों के लिए भी पार्किंग व्यवस्था अलग बनाई गई थी। पुल के नीचे भी गाड़ियां पार्किंग कराई गई। इससे यहां पर जाम जैसी स्थिति नहीं बनी और लोग आसानी से यहां पहुंच पाए।
इनका कहना है
भूतड़ी अमावस्या पर आंवलीघाट स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यहां पर 200 से अधिक पुलिस जवान अलग-अलग शिफ्टों में तैनात रहे। इसके अलावा होमगार्ड, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, गोताखोरों को भी तैनात किया गया। पूरे समय यहां पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखी गई। लोग बिना परेशानी के नर्मदा में स्नान करते रहे और यहां से रवाना होते रहे।
– रवि शर्मा, एसडीओपी, बुधनी



