किसान की झूठी सूचना से जली दमकल!

सीहोर। भैरुंदा तहसील के बालागांव-अतरालिया मंडी के बीच रविवार को किसानों की एक बड़ी लापरवाही ने सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया। नरवाई में लगी आग को गेहूं की खड़ी फसल में आग बताकर प्रशासन को झूठी सूचना दी गई। इस भ्रामक खबर पर जब दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची तो वहां मौजूद लोगों ने दबाव बनाकर वाहन को आग के बीच ले जाने पर मजबूर कर दिया।
जानकारी के अनुसार दोपहर के समय खेतों में बची नरवाई को जलाया गया जो देखते ही देखते विकराल रूप ले बैठी। करीब 200 एकड़ क्षेत्र में आग फैल गई और आसपास के तीन गांवों के किसानों की नरवाई धू-धू कर जलने लगी। इसी दौरान पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई कि गेहूं की खड़ी फसल में आग लगी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर परिषद की फायर ब्रिगेड तत्काल मौके पर रवाना हुई।
मौके पर पहुंचने के बाद सच्चाई सामने आई कि वहां गेहूं की फसल नहीं, बल्कि नरवाई जल रही थी। दमकल टीम के अनुसार घटनास्थल पर मौजूद कुछ लोगों ने कर्मचारियों पर दबाव बनाते हुए वाहन को सीधे आग के बीच ले जाने के लिए मजबूर किया। इसी दौरान दमकल वाहन के टायरों ने आग पकड़ ली और वाहन की वायरिंग सहित अन्य हिस्से जलकर क्षतिग्रस्त हो गए।
वीडियो में कैद किसानों की हरकत
हैरानी की बात यह भी रही कि मौके पर कुछ किसानों को नरवाई में आग लगाते हुए देखा गयाए जिसका वीडियो भी बनाया गया। बताया जा रहा है कि दमकल वाहन के चालक को फोटो-वीडियो बनाने से रोकने के लिए डराया-धमकाया गया, बावजूद इसके चालक ने सबूत के तौर पर वीडियो अपने पास सुरक्षित रख लिया।
डीजल पाइप ने पकड़ी आग
बता दें स्थिति उस समय और गंभीर हो गई, जब दमकल वाहन के डीजल टैंक की पाइप में भी आग लग गई। टैंक पूरी तरह भरा होने के कारण बड़ा विस्फोट हो सकता थाए लेकिन चालक की सूझबूझ और सतर्कता से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया और संभावित हादसा टल गया।
क्षतिग्रस्त हुई दमकल
इस घटना में नगर परिषद की एक दमकल मशीन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई। आग बुझाने के लिए नगर परिषद की दो दमकल गाडिय़ां और एक पानी का टैंकर मौके पर पहुंचा। वहीं इछावर और रहटी से भी दमकल वाहन सहायता के लिए पहुंचे, लेकिन तब तक आग काफी हद तक काबू में लाई जा चुकी थी। गौरतलब है कि संबंधित ग्राम पंचायतों के टैंकर समय पर मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे शुरुआती स्तर पर आग बुझाने में देरी हुई। यह लापरवाही अब जांच के दायरे में है और जिम्मेदारों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही नगर परिषद अध्यक्ष मारुति शिशिर ने दमकल टीम और वाहन चालक से चर्चा कर हालात की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और क्षतिग्रस्त दमकल वाहन की जल्द मरम्मत कर उसे फिर से सेवा में लाया जाएगा। वहीं जिला प्रशासन के आदेशों की अनदेखी भी इस पूरे घटनाक्रम में साफ दिखाई दी। कलेक्टर द्वारा नरवाई जलाने पर रोक और किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद किसान मूंग की फसल की तैयारी के चलते जल्दबाजी में दिन के उजाले में ही नरवाई में आग लगा रहे हैं।
क्या बोले अधिकारी
भैरुंदा एसडीएम सुधीर कुशवाह ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि नरवाई में आग लगाने वाले किसानों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। साथ ही झूठी सूचना देने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि दोषी किसानों की उपार्जन योजना के तहत फसल खरीदी पर रोक भी लगाई जा सकती है।



