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सीहोर: जमीनी कार्यकर्ता को जिम्मेदारी देकर बढ़ाया मान, पद की दौड़ में हैं कई नाम

पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा नेता रवि मालवीय को बनाया मप्र पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम का अध्यक्ष

सीहोर। भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व द्वारा कई ऐसे चैंकाने वाले निर्णय होते रहे हैं, जिनमें छोटे कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी से नवाजा गया है। ऐसा ही निर्णय एक बार फिर देखने को मिला। सीहोर जिले के जमीनी कार्यकर्ता एवं पूर्व जिलाध्यक्ष रवि मालवीय को सरकार ने मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम का अध्यक्ष बनाया है। रवि मालवीय को अध्यक्ष पद पर नियुक्ति मिलने से सीहोर जिला सहित बुधनी विधानसभा में भी खुशियों की लहर है। अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के बाद पहली बार भैरूंदा पहुंचे रवि मालवीय का जोरदार स्वागत-सत्कार भी किया गया। इधर सीहोर जिले से कई वरिष्ठ एवं युवा नेता भी निगम-मंडल, आयोग, बोर्ड एवं प्राधिकरणों में पद की दौड़ में हैं। इनमें सीहोर के वरिष्ठ भाजपा नेता जसपाल सिंह अरोरा, पूर्व जिलाध्यक्ष रघुनाथ सिंह भाटी, पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह राजपूत, राजेश राजपूत सहित कई नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं। हालांकि अब भी कई पदों पर नियुक्तियां होना हैं। ऐसे में उम्मीदें हैं कि सीहोर जिले से इन नामों पर भी विचार हो।
बूथ कार्यकर्ता से की थी राजनीति की शुरूआत
मप्र पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम के नवनियुक्त अध्यक्ष रवि मालवीय की राजनीतिक शुरूआत वर्ष 1993 में युवा मोर्चा के बूथ कार्यकर्ता के रूप में हुई थी। इसके बाद वर्ष 1998 में उन्हें युवा मोर्चा उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2000 में भाजपा के मंडल महामंत्री के रूप में जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2003 में जिला सहकारी बैंक के निर्विरोध डायरेक्टर चुने गए। वर्ष 2018 तक वह लगातार इस पद पर बने रहे। इसी वर्ष उन्होंने जनपद सदस्य का चुनाव लड़ा और विजयश्री प्राप्त की। वे भैरूंदा मंडल अध्यक्ष भी रहे। वर्ष 2013 में भाजपा जिला उपाध्यक्ष, वर्ष 2017 में भाजपा जिला महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई। आजीवन सहयोग निधि के जिला प्रभारी के रूप में वर्ष 2013 से 2017 तक जिम्मेदारी रही। लगातार तीन बार उन्होंने इस जिम्मेदारी को निभाया और आजीवन सहयोग निधि में सीहोर जिले को महत्वपूर्ण स्थान दिलाते हुए पूरे प्रदेश में चर्चित किया। पार्टी ने उन्हें वर्ष 2019 में भाजपा जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने लगातार 5 वर्षों तक भाजपा जिला अध्यक्ष के पद पर रहकर पार्टी को लोकसभा और विधानसभा जैसे कई महत्वपूर्ण चुनाव में अहम जिम्मेदारी निभाई और यहां से पार्टी को सभी सीटों से जीत दिलाई। कोरोनाकाल में उनके नेतृत्व में सेवाकार्य किए गए। उनकी कार्यक्षमता का पता बुधनी विधानसभा के उपचुनाव के दौरान देखने को मिला। जब उन्होंने चुनाव की कमान संभालकर कुशल रणनीति के सहारे पार्टी को एक बार फिर विजय दिलाई। रवि मालवीय केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चैहान के बेहद करीबियों में हैं।
मां विजयासन धाम पहुंचकर किए दर्शन
राजनीतिक नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा के बाद रवि मालवीय ने सबसे पहले प्रसिद्ध देवी धाम सलकनपुर पहुंचकर मां विजयासन के दर्शन किए। उन्होंने मां नर्मदा का पूजन करके क्षेत्र की खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। इस दौरान बड़ी संख्या में समर्थकों ने पुष्पहारों से उनका भव्य स्वागत किया।
ये नाम भी हैं पद की दौड़ में
सीहोर जिले से एक समय में एक दर्जन से अधिक नेताओं को निगम-मंडलों, आयोगों, बोर्डों में नियुक्तियां मिली थीं। इस बार भी पूर्व जिलाध्यक्ष रवि मालवीय को मप्र पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया है। सीहोर जिले से सीताराम यादव एवं निर्मला बारेला के पास भी पद हैं। हालांकि इस दौड़ में सीहोर के वरिष्ठ भाजपा नेता जसपाल सिंह अरोरा भी प्रमुख हैं। जसपाल सिंह अरोरा सीहोर में भाजपा के कद्दावर नेताओं में शुमार हैं। वे जिला पंचायत सीहोर एवं नगर पालिका सीहोर के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उनकी धर्मपत्नी अमिता अरोरा भी सीहोर नगर पालिका की अध्यक्ष रह चुकी हैं। जसपाल सिंह अरोरा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धमकी देने वाले आतंकी पुन्नु के खिलाफ भी मोर्चा खोला था। उन्होंने उसे जिंदा या मुर्दा पकड़ने वाले के लिए 5 करोड़ रूपए के ईनाम की घोषणा भी की थी। वे सिख समुदाय का नेतृत्व भी करते हैं तो वहीं सीहोर विधानसभा क्षेत्र में भी उनकी गहरी पकड़ है। लंबे समय से भाजपा के लिए समर्पित हैं। इसी तरह पूर्व जिलाध्यक्ष रघुनाथ सिंह भाटी भी पद की दौड़ में हैं। वे पूर्व जिलाध्यक्ष भी रहे हैं। प्रदेश कार्यकारिणी में भी अहम जिम्मेदारी निभा चुके हैं। पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह राजपूत भी पद की दौड़ में हैं। वे वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष रह चुके हैं तो वहीं बुधनी विधानसभा से विधायक भी रहे हैं। सीहोर जिले के युवा मोर्चा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश राजपूत भी पद की दौड़ में हैं। अब देखना होगा कि सीहोर जिले से किसकी लाॅटरी खुलती है।

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