एसपी के सख्त तेवर, जनसुनवाई में बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं, फरियादियों को न लगवाने पड़े थानों के चक्कर

सीहोर। पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार शुक्ला ने मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान मैदानी अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी है। एसपी कार्यालय पहुंचे 15 फरियादियों की शिकायतों को सुनने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की प्राथमिकता पीडि़त को न्याय दिलाना है, न कि उसे तारीखों में उलझाना। उन्होंने मौके से ही संबंधित थाना प्रभारियों को फोन लगाकर लंबित मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी किए।
गौरतलब है कि प्रत्येक मंगलवार को होने वाली इस नियमित जनसुनवाई में एसपी दीपक कुमार शुक्ला खुद मौजूद रहे। उन्होंने एक-एक कर सभी शिकायतकर्ताओं से सीधा संवाद किया और उनकी आपबीती सुनी। पुलिस अधीक्षक ने न केवल आवेदन स्वीकार किए, बल्कि कई मामलों में फरियादियों से विस्तार से चर्चा कर घटना की पूरी जानकारी ली, ताकि समस्या की जड़ तक पहुंचा जा सके।
15 आवेदनों पर दिए सख्त निर्देश
मंगलवार को आयोजित इस जनसुनवाई में कुल 15 शिकायतकर्ता अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। प्राप्त शिकायतों में जमीन संबंधी विवाद, आपसी रंजिश और पुलिस जांच में देरी जैसे मामले शामिल थे। एसपी ने इन सभी 15 शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही संबंधित थानों और राजपत्रित अधिकारियों को फोन कर या लिखित निर्देश देकर मामले की जांच करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का निराकरण पुलिस की प्राथमिकता होनी चाहिए। प्राप्त आवेदनों पर समय सीमा के भीतर निष्पक्ष जांच की जाए और पीडि़त पक्ष को न्याय दिलाया जाए।
त्वरित निराकरण पर दिया जोर
पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आने वाले नागरिकों को बार-बार चक्कर न काटना पड़े। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग का उद्देश्य पीडि़त की समस्या का त्वरित समाधान करना है। शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्राप्त आवेदनों के दस्तावेजीकरण और संबंधित विभागों को भेजने की प्रक्रिया पूरी की।



