पीएम मोदी की अपील का असर, अब खेत और बाजार साइकिल से जाएंगे सीहोर के किसान

सीहोर। वैश्विक स्तर पर ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच गहराते युद्ध के बादलों और तनावपूर्ण स्थितियों के बीच मुख्यालय के नजदीकी ग्राम चंदेरी के किसानों ने राष्ट्रभक्ति की एक अनूठी मिसाल पेश की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने और देश को आत्मनिर्भर बनाने की अपील से प्रभावित होकर यहां के किसानों ने अब मोटरसाइकिल का मोह त्याग दिया है और रोजमर्रा के कामों के लिए साइकिल को अपना लिया है।
चंदेरी के किसानों का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण आने वाले समय में ईंधन की किल्लत हो सकती है। ऐसे में विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए पेट्रोल और डीजल की बचत करना अनिवार्य है। इसी उद्देश्य को लेकर ग्रामीणों ने सामूहिक निर्णय लिया है कि अब वे अपने खेतए स्थानीय बाजार या अन्य पास के स्थानों पर जाने के लिए केवल साइकिल का ही उपयोग करेंगे।
प्रधानमंत्री के आह्वान पर किसानों की पहल
समाजसेवी किसान एमएस मेवाड़ा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में देशवासियों से संसाधनों के सही उपयोग और ईंधन बचत की अपील की थी। प्रधानमंत्री के इसी संदेश को जीवन में उतारते हुए चंदेरी के किसानों ने यह मिशन शुरू किया है। किसानों का तर्क है कि यदि हर नागरिक थोड़ी-थोड़ी बचत की जिम्मेदारी उठा ले तो भारत किसी भी बड़े वैश्विक आर्थिक संकट से डटकर मुकाबला कर सकता है।
नेता-अफसरों को भी दी सादगी की नसीहत
अपनी इस पहल के साथ ही किसानों ने व्यवस्था को भी आईना दिखाया है। ग्रामीणों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल बचाने की जिम्मेदारी सिर्फ आम जनता की ही नहीं है। उन्होंने मांग की है कि राजनीतिक रैलियों में सैकड़ों गाडिय़ों का जो काफिला निकाला जाता है, उस पर तत्काल पाबंदी लगनी चाहिए। किसानों के अनुसार नेताओं और अधिकारियों को भी अपने दौरों में वाहनों का कम से कम उपयोग कर सादगी का उदाहरण पेश करना चाहिए।
साइकिल अपनाएं, देश बचाएं
गांव में निकाली गई एक साइकिल रैली के माध्यम से किसानों ने समाज को एकता का संदेश दिया। किसानों का कहना है कि साइकिल अपनाने से न केवल राष्ट्र का पैसा बचेगा, बल्कि यह पर्यावरण प्रदूषण कम करने और व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में भी मददगार साबित होगा।



