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बिजली संकट पर फूटा गुस्सा: कलेक्ट्रेट में किसानों का हल्लाबोल, 72 घंटे में कटौती बंद नहीं हुई तो करेंगे चक्काजाम

करणी सेना युवा शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राजपूत के नेतृत्व में एक दर्जन गांवों के ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन

सीहोर। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में की जा रही अघोषित बिजली कटौती और लोड शेडिंग के खिलाफ सोमवार को किसानों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। भीषण गर्मी के बीच रात-दिन कट रही बिजली से परेशान करीब एक दर्जन गांवों के किसानों ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार हल्लाबोल प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन करणी सेना युवा शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राजपूत के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने बिजली कंपनी और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि 72 घंटे के भीतर अघोषित कटौती बंद नहीं हुई तो उग्र आंदोलन करते हुए चक्काजाम किया जाएगा।
कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि जिले में इस समय भीषण गर्मी का प्रकोप है। ऐसे समय में बिजली कंपनी द्वारा रात और दिन में कई-कई घंटों की अघोषित कटौती की जा रही है। रात के समय लाइट गुल होने से छोटे बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और बीमार व्यक्ति रात भर गर्मी में तड़पने के लिए मजबूर हैं। वहीं अघोषित कटौती के कारण हजारों छात्र-छात्राएं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनके भविष्य पर संकट मंडरा रहा है।
खेती और पेयजल व्यवस्था पूरी तरह ठप
किसानों ने दर्द बयां करते हुए कहा कि बिजली नहीं मिलने से खेतों में सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की मोटरें न चलने के कारण पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। हालात यह हैं कि दिन में मेंटेनेंस के नाम पर और रात में लोड शेडिंग के नाम पर 4 से 5 घंटे तक लाइट काटी जा रही है।
अंधेरे के कारण बढ़ रही चोरियां
करणी सेना युवा शक्ति के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राजपूत ने प्रशासनिक अधिकारियों को खरी-खरी सुनाते हुए कहा कि जब बिजली कटौती को लेकर विद्युत विभाग के कनिष्ठ यंत्री या वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया जाता है तो वे लोड शेडिंग का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेते हैं। उन्होंने कहा कि रात में घंटों अंधेरा रहने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में चोरी की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। साथ ही ग्रामीण इलाकों में सांप, बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी दोगुना हो गया है। प्रशासन को 72 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए उन्होंने कहा कि सुधार न होने पर किसान सडक़ों पर उतरने को मजबूर होंगे।
इन गांवों के किसान रहे शामिल
इस कलेक्ट्रेट घेराव और प्रदर्शन में अलाहाखेड़ी, मोगरा राम, हसनाबाद, जहांगीरपुर, नयापुरा, धबोटी, धामनखेड़ा, खामलिया, पचामा और थूना सहित आसपास के एक दर्जन गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शन में मुख्य रूप से विष्णु सरपंच, योगेश मेवाड़ा, करण सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह, रवि राजपूत, अजय मेवाड़ा सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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