भैरुंदा से लापता नाबालिग को पुलिस ने महाराष्ट्र से किया बरामद

सीहोर। भैरुंदा थाना क्षेत्र अंतर्गत पिछले 7 महीनों से लापता एक नाबालिग बालिका को पुलिस टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद महाराष्ट्र के जलगांव से सकुशल बरामद कर लिया है। आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए नाबालिग को लेकर महाराष्ट्र भाग गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा नाबालिग का पता लगाने वाले के लिए नकद इनाम की घोषणा भी की गई थी। आखिरकार पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले साल 28 नवंबर 2025 को थाना भैरुंदा में एक नाबालिग बालिका के अचानक लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। मामला नाबालिग से जुड़ा था इसलिए पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर गंभीरता से विवेचना प्रारंभ की। शुरुआत में पुलिस टीम ने स्थानीय स्तर पर बालिका को ढूंढने के हरंसभव प्रयास किए, लेकिन संदेही पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही नाबालिग को अपने साथ लेकर स्थानीय पते से फरार हो गया और महाराष्ट्र की सीमा में जा छिपा।
विशेष टीम ने जलगांव महाराष्ट्र में दी दबिश
काफी प्रयासों के बाद भी जब बालिका का सुराग नहीं मिला तो पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुनीता रावत के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। एसडीओपी रोशन कुमार जैन और थाना प्रभारी के नेतृत्व में इस टीम ने नए सिरे से जांच शुरू की। पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार मिले सुरागों का पीछा करते हुए पुलिस को लोकेशन महाराष्ट्र के जलगांव की मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने जलगांव महाराष्ट्र पहुंचकर घेराबंदी की और संदेही के चंगुल से नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया।
परिजनों की आंखों में आए खुशी के आंसू
7 महीने के लंबे इंतजार के बाद जब पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर नाबालिग बालिका को उसके माता-पिता और परिजनों के सुपुर्द किया तो उनकी आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। पुलिस के मुताबिक बालिका को बरामद करने के बाद अब इस मामले में आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है।



