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गेहूं खरीदी का आज अंतिम दिन, उपार्जन केंद्रों पर उमड़े किसान, चूक गए तो मंडी ही बचेगा एकमात्र सहारा

जिले में गेहूं खरीदी का टूटा 5 साल का रिकॉर्ड, अब तक 87,820 किसान बेच चुके हैं अपनी उपज

सीहोर। जिले में समर्थन मूल्य पर चल रही गेहूं खरीदी अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। स्लॉट बुक कराने के बाद भी जो किसान किसी कारणवश अब तक अपनी उपज नहीं बेच पाए हैं, उनके लिए आज यानी 28 मई का दिन अंतिम अवसर है। यही वजह है कि बचे हुए केंद्रों पर अपनी उपज तुलवाने के लिए सुबह से ही किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही है। यदि आज किसान चूक गए तो सरकारी केंद्रों पर उनका गेहूं नहीं खरीदा जाएगा और उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए केवल कृषि उपज मंडियों का ही सहारा रहेगा।
बता दें इस साल अनुकूल मौसम और बंपर पैदावार के चलते जिले में गेहूं खरीदी ने पिछले 5 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। जिले में गेहूं का रकबा रिकॉर्ड 3 लाख 40 हजार हेक्टेयर रहा, जिससे कई प्रगतिशील किसानों को प्रति एकड़ 25 क्विंटल से अधिक का बंपर उत्पादन मिला है। 9 अप्रैल से शुरू हुई इस खरीदी प्रक्रिया में जिले के पंजीकृत किसानों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया और केंद्रों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लंबी कतारें नजर आईं।
100 केंद्रों पर पसरा सन्नाटा
जिले में गेहूं खरीदी के लिए कुल 240 केंद्र बनाए गए थे। इनमें से लगभग 100 केंद्र ऐसे हैं जहां पिछले 5 दिनों से एक भी किसान अपनी उपज लेकर नहीं पहुंचा है और वहां पूरी तरह सन्नाटा पसरा हुआ है। अधिकारी-कर्मचारी सुबह आते हैं और शाम को खाली हाथ लौट जाते हैं। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश किसान अपनी उपज बेच चुके हैं, इसलिए अब केवल उन्हीं चुनिंदा केंद्रों पर भीड़ है जहां के किसानों के स्लॉट आज के लिए बुक हैं।
भुगतान के लिए बैंकों के चक्कर काट रहे किसान
एक तरफ जहां किसान उपज बेचने की आपाधापी में हैं, वहीं दूसरी तरफ कई किसान ऐसे भी हैं जिन्होंने अपनी उपज तो काफी पहले बेच दी है, लेकिन उनके बैंक खातों में अभी तक राशि नहीं पहुंची है। ये किसान भुगतान के लिए रोजाना बैंकों के चक्कर काट रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक भुगतान अटकने की मुख्य वजह किसानों के बैंक खातों का आधार कार्ड से लिंक न होना या अन्य तकनीकी खामियां हैं, जिन्हें सुधारा जा रहा है।
अब मंडियों में बढ़ेगी गेहूं की आवक
उपार्जन केंद्रों पर खरीदी बंद होने के बाद अब जिले की 8 कृषि उपज मंडियों में रौनक बढऩे की उम्मीद है। मंडी प्रबंधन का अनुमान है कि जून महीने में सोयाबीन के साथ-साथ गेहूं की भी भारी आवक होगी, जिससे मंडी प्रशासन को टैक्स का बड़ा फायदा होगा। वर्तमान में सीहोर और आष्टा मंडी में रोजाना करीब 16-16 हजार क्विंटल गेहूं की आवक दर्ज की जा रही है जो आने वाले दिनों में और बढ़ेगी।
इनका कहना है
जिन किसानों के स्लॉट बुक हैं, उनके लिए केंद्रों पर गेहूं बेचने का आज अंतिम दिन है। यदि आज कोई भी किसान रह गया तो समय सीमा समाप्त होने के बाद उसका गेहूं किसी भी केंद्र पर नहीं खरीदा जाएगा।
आकाश चंदेल, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी व खरीदी प्रभारी सीहोर
फैक्ट फाइल
कुल पंजीयन: 1,02,000 किसान
स्लॉट बुकिंग: 92,337 किसानों ने कराई
गेहूं बेचने वाले किसान: 87,820 किसान
कुल खरीदी: 7,45,000 मीट्रिक टन
कुल खरीदी मूल्य: 1935 करोड़ रुपए
अब तक भुगतान: 1766 करोड़ रुपए
कुल खरीदी केंद्र: 240 केंद्र

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