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राष्ट्र शिल्पी-शिक्षक समागम का भव्य आयोजन, पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी और डॉ. उमाशंकर पचौरी रहे मौजूद

आचार्य चाणक्य जयंती पर जुटे सैकड़ों शिक्षक, राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका और विचारों पर हुआ गहन मंथन

सीहारे। क्रिसेंट ग्रीन में राष्ट्रीय अस्मिता जागरण न्यास मध्य प्रदेश के तत्वावधान में राष्ट्र शिल्पी-शिक्षक समागम का भव्य आयोजन किया गया। आचार्य चाणक्य जयंती के पावन अवसर पर आयोजित इस प्रेरक कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में शिक्षक और शिक्षिकाएं सम्मिलित हुए। समागम का मुख्य उद्देश्य आदर्श शिक्षकों के अनुभवों, विचारों और उनकी जीवन-दृष्टि के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के लिए एक नई ऊर्जा का संचार करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरियाणा के पूर्व राज्यपाल प्रोफेसर कप्तान सिंह सोलंकी रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। अपने संबोधन में प्रोण् सोलंकी ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महती भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान नहीं देता, बल्कि वह आने वाली पीढ़ी के चरित्र का निर्माण करता है। एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र की नींव मजबूत शिक्षकों के कंधों पर ही टिकी होती है।
शिक्षण के माध्यम से शिखर छूने की प्रेरणा
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयोग के राज्य आयुक्त डॉ. उमाशंकर पचौरी ने आचार्य चाणक्य के सिद्धांतों को याद किया। उन्होंने कहा कि चाणक्य ने अपने ज्ञान और शिक्षण के बल पर साधारण से बालक को सम्राट बना दिया था। डॉण् पचौरी ने शिक्षकों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षण एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए समाज और देश को सफलता के शिखर पर ले जाया जा सकता है।

विशिष्ट अतिथियों ने बढ़ाया शिक्षकों का हौसला
समागम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष मोहन नागर और मप्र निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के पूर्णकालिक सचिव डॉ. देवेंद्र सिंह गुर्जर विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने समाज सुधार और राष्ट्र जागरण में शिक्षकों के योगदान की सराहना की। इस भव्य कार्यक्रम की अध्यक्षता सीहोर के स्थानीय विधायक सुदेश राय ने की, जिन्होंने क्षेत्र के सभी प्रबुद्ध शिक्षकों का आभार माना।
इस गरिमामय और बड़े समागम का कुशल व सफल मंच संचालन सुरेश गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन पर समागम में पधारे सभी मुख्य अतिथियों, विशिष्ट जनों, प्रबुद्ध शिक्षकों और आगंतुकों के प्रति डॉ. गगन नामदेव ने आभार व्यक्त किया।

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