खाकी की गरिमा और जनसेवा ही पहला धर्म, नव आरक्षकों से बोलीं एसपी सक्सेना

सीहोर। जिला पुलिस मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन में शुक्रवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने मध्य प्रदेश पुलिस परिवार में शामिल हुए नए आरक्षकों से सीधा संवाद किया और उन्हें कर्तव्यनिष्ठा का पाठ पढ़ाया। एसपी ने नए पुलिसकर्मियों को पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता और सेवाभाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की समझाइश दी।
नव आरक्षकों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हुए पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना ने कहा कि पुलिस की नौकरी सिर्फ एक रोजगार नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा और सेवा का एक बहुत बड़ा व पवित्र दायित्व है। उन्होंने कहा कि खाकी वर्दी की गरिमा और उसकी साख को बनाए रखना हर पुलिसकर्मी का पहला और सबसे महत्वपूर्ण कर्तव्य होना चाहिए।
नव आरक्षकों को दिए तीन मंत्र
अनुशासन और निष्पक्षता: एसपी सक्सेना ने कहा कि फील्ड में ड्यूटी के दौरान हमेशा उच्च स्तर का अनुशासन बनाए रखना अनिवार्य है। पीडि़त चाहे किसी भी वर्ग का हो, बिना किसी भेदभाव के हर नागरिक के साथ निष्पक्ष और न्यायपूर्ण कार्रवाई की जानी चाहिए।
तकनीक का उपयोग और अपग्रेडेशन: आज के आधुनिक दौर में अपराधी हाईटेक हो रहे हैं। बढ़ते साइबर और डिजिटल अपराधों से निपटने के लिए नव आरक्षकों को लगातार अपनी तकनीकी क्षमताओं को अपग्रेड करना होगा और स्मार्ट पुलिसिंग सीखनी होगी।
सामुदायिक पुलिसिंग: पुलिस का व्यवहार ऐसा होना चाहिए कि अपराधियों में खौफ और आम जनता के मन में पुलिस के प्रति सुरक्षा व विश्वास का भाव पैदा हो। जनता की मदद के लिए सदैव तत्पर रहना ही असली पुलिसिंग है।
उज्ज्वल भविष्य की कामना
मार्गदर्शन सत्र के अंत में पुलिस अधीक्षक ने सभी नव आरक्षकों के उज्ज्वल और सफल भविष्य की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये युवा जवान अपनी पूरी ऊर्जा, लगन और ईमानदारी से मध्य प्रदेश पुलिस का नाम रोशन करेंगे और विभाग को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान जिला पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षण प्रभारी और पुलिस लाइन का स्टाफ मुख्य रूप से उपस्थित रहा।



