दिगंबर वॉटरफॉल से बैरंग लौटाए गए भोपाल के कई पर्यटक
कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासन सख्त, हादसों को रोकने के लिए जोखिम भरे पर्यटन स्थलों पर लगी धारा 163

सीहोर। यदि राजधानी भोपाल सहित आसपास के जिले के लोग सुहाने मौसम में पिकनिक मनाने या वॉटरफॉल घूमने के लिए सीहोर आने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। वर्षाकाल में हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन इन दिनों सख्त रुख अपनाए हुए है। जिले के सभी डैम, वॉटरफॉल और नदी-नालों पर सैलानियों के जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। शनिवार को भोपाल से सीहोर के प्रसिद्ध दिगंबर वॉटरफॉल पहुंचे कई पर्यटकों को प्रशासन ने सख्त समझाइश देकर मौके से ही वापस भोपाल लौटा दिया।
शनिवार को वीकेंड के चलते भोपाल से बड़ी संख्या में पर्यटक सीहोर जिले के प्राकृतिक स्थलों की ओर रुख कर रहे थे। इसी दौरान सीहोर के प्रसिद्ध दिगंबर वॉटरफॉल पर तैनात प्रशासनिक टीम ने मुस्तैदी दिखाई। नायब तहसीलदार रामलोचन तिवारी ने बताया कि दिगंबर वॉटरफॉल पर भोपाल से आए 15 से अधिक पर्यटकों को रोका गया। टीम ने उन्हें जिले में लागू प्रतिबंधात्मक आदेशों की जानकारी दी और मानसूनी सीजन में होने वाले संभावित हादसों के प्रति आगाह करते हुए वापस भोपाल भेज दिया। अधिकारियों ने भोपाल से आए इन सैलानियों से अपील की कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें और प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने का जोखिम न उठाएं।
लागू है धारा 163, प्रशासन ने तैनात किया मैदानी अमला
कलेक्टर बालागुरु के. के निर्देशानुसार बारिश के मौसम में नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा को देखते हुए जिले के सभी नदी, नालों, जल प्रपातों, तालाबों और डैमों के आस पास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए गए हैं। इन पर्यटन स्थलों पर सीहोर के स्थानीय लोगों के साथ-साथ राजधानी भोपाल से हर साल भारी संख्या में युवा और परिवार पहुंचते हैं, इसलिए इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी अनहोनी या हादसे को रोकने के लिए राजस्व, वन विभाग और पुलिस प्रशासन के मैदानी अमले की चौबीसों घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। यह टीमें हर आने-जाने वाले पर नजर रख रही हैं।
प्रशासन की अपील, जान है तो जहान है
जिला प्रशासन ने साफ तौर पर कहा है कि नागरिकों का जीवन और उनकी सुरक्षा ही शासन की पहली प्राथमिकता है। बारिश के दिनों में वॉटरफॉल और डैमों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे कई बार बड़े हादसे हो जाते हैं। प्रशासन ने सीहोर और विशेषकर भोपाल से आने वाले सभी नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, जिम्मेदार नागरिक बनें और प्रतिबंधित पर्यटन स्थलों पर जाकर अपनी जान जोखिम में न डालें।



